चुनावी लाभ के लिए ममता बनर्जी घुसपैठ को बढ़ावा दे रहीं, बंगाल की जनसांख्यिकी बदली : शाह
आशीष संतोष
- 30 Dec 2026, 08:31 PM
- Updated: 08:31 PM
(तस्वीरों सहित)
कोलकाता, 30 दिसंबर (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि उनकी सरकार चुनावी लाभ के लिए बांग्लादेशी घुसपैठ को बढ़ावा दे रही है जिससे पिछले कुछ वर्षों में राज्य की जनसांख्यिकी ‘‘खतरनाक रूप से बदल गई’’ है।
राज्य की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव में छह महीने से भी कम समय बचा है।
कोलकाता में संवाददाता सम्मेलन में शाह ने कहा, ‘‘15 अप्रैल, 2026 के बाद, जब बंगाल में भाजपा सरकार का गठन होगा, तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पार्टी राज्य के गौरव, संस्कृति और पुनर्जागरण को पुनर्जीवित करने का कार्य शुरू करेगी।’’
शाह विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी की संगठनात्मक तैयारियों का आकलन करने को लेकर सोमवार रात तीन दिवसीय दौरे पर यहां पहुंचे।
उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनावों से पहले आगामी महीने राज्य के लिए "अत्यंत महत्वपूर्ण" हैं। शाह ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के 15 वर्षों के शासनकाल में पश्चिम बंगाल ने "भय, भ्रष्टाचार और कुशासन" देखा है।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि घुसपैठ ने राज्य के लोगों में असुरक्षा और चिंता की भावना पैदा कर दी है और "देश से घुसपैठियों को बाहर निकालना" उनकी पार्टी का प्रमुख चुनावी मुद्दा होगा।
शाह ने घोषणा की कि बंगाल में घुसपैठ को समाप्त करने के लिए एक "मजबूत राष्ट्रीय ग्रिड" स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा, "इंसान छोड़ दीजिए, परिंदा भी पर नहीं मार पाएगा, इस प्रकार की मजबूत ग्रिड की रचना हम करेंगे।"
केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘ना केवल घुसपैठ रोकेंगे, सारे घुसपैठियों को चुन चुनकर भारत के बाहर निकालने का काम भी भाजपा की बंगाल सरकार करेगी।’’
शाह ने पश्चिम बंगाल सरकार पर भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने का काम पूरा करने के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध न कराने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, ‘‘ममता बनर्जी घुसपैठ रोकने में नाकाम रहने के लिए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को दोषी ठहराती हैं। मैं उनसे इस सार्वजनिक मंच से कह रहा हूं कि बांग्लादेश से सटे राज्यों में केवल यही राज्य सरकार है, जो सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन उपलब्ध नहीं करा रही। आपकी सरकार जमीन नहीं देती, इसी वजह से सीमा पर बाड़ लगाने का काम पूरा नहीं हो पा रहा है।’’
शाह ने कहा कि बंगाल सीमा पर घुसपैठ रोकना अब "राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा" है। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से पूछा कि भाजपा शासित असम, त्रिपुरा या देश के पश्चिमी राज्यों जैसे राजस्थान और गुजरात के अलावा पंजाब और कश्मीर की तुलना में पश्चिम बंगाल में घुसपैठ की समस्या अधिक गंभीर क्यों है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल "घुसपैठियों के लिए एक पनाहगाह" बन गया है क्योंकि ‘‘ममता बनर्जी की पुलिस दुर्गम इलाकों में सीमा पार करने के बाद ग्रामीण इलाकों में पहुंचने वाले घुसपैठियों को गिरफ्तार नहीं करती है या उनके खिलाफ मामले दर्ज नहीं करती है।’’
केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘ऐसा सिर्फ बंगाल में ही क्यों होता है? ऐसा इसलिए है क्योंकि यहां आपकी सीधी निगरानी में घुसपैठ होती है, जिसके परिणामस्वरूप राज्य की जनसांख्यिकी में धीरे-धीरे लेकिन लगातार बदलाव होता है, जिससे आपका वोट बैंक मजबूत होता है।’’
शाह ने कहा कि सत्ता में आने के बाद भारतीय जनता पार्टी पूर्वी सीमाओं से घुसपैठ रोकेगी और बंगाल का पुनरुद्धार सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा, "भाजपा पश्चिम बंगाल में दो-तिहाई बहुमत से सरकार बनाएगी।"
बंगाल में भाजपा की "चुनावी सफलता" का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि पार्टी की लोकसभा सीटें 2014 में दो थीं जो 2019 में बढ़कर 18 हो गईं, और विधानसभा सीटें पांच वर्षों में तीन से बढ़कर 2021 में 77 हो गईं, जबकि कांग्रेस और वामपंथी दलों की सीटें घटकर शून्य हो गईं।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भाजपा ने 2024 के लोकसभा चुनाव में 12 सीटें और 39 प्रतिशत वोट हासिल किए। उन्होंने कहा, “बंगाल की जनता ने भय, भ्रष्टाचार, कुशासन और घुसपैठ के माहौल को अपनी विरासत की पुनर्स्थापना, विकास और गरीबों के उत्थान से बदलने का दृढ़ संकल्प लिया है, जो केवल एक मजबूत और केंद्रित भाजपा सरकार द्वारा ही संभव हो सकता है।”
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार इसकी सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित करेगी, विकास में तेजी लाएगी और गरीबी उन्मूलन को प्राथमिकता देगी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया से मतुआ समुदाय के लोगों को डरने की कोई जरूरत नहीं है। शाह ने कहा, ‘‘हमारा यह संकल्प है कि धार्मिक उत्पीड़न का शिकार हुए सभी शरणार्थियों को देश में शरण दी जाएगी। ममता बनर्जी भी मतुआ समुदाय को नुकसान नहीं पहुंचा सकतीं।’’
भ्रष्टाचार और महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर राज्य सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए शाह ने आरोप लगाया कि तृणमूल ने भय और हिंसा की राजनीति में वामपंथियों को भी पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने कहा, "बंगाल में महिलाओं के लिए कोई सुरक्षा नहीं है। आरजी कर मेडिकल कॉलेज, संदेशखालि और दक्षिण कोलकाता लॉ कॉलेज में हुई घटनाएं इस बात का प्रमाण हैं कि यह राज्य महिलाओं के लिए कितना असुरक्षित हो गया है।"
शाह ने मुख्यमंत्री के उस कथित बयान पर भी कटाक्ष किया जिसमें उन्होंने महिलाओं को रात में बाहर न निकलने की सलाह दी थी।
गृह मंत्री ने कहा, “क्या हम मुगल दौर में जी रहे हैं? ममता जी, यह आजाद भारत है; यहां माताएं और बहनें दिन-रात किसी भी समय काम पर जा सकती हैं, और उन्हें पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करना हमारा संवैधानिक दायित्व है।”
शाह ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के शीर्ष नेता सार्वजनिक धन की हेराफेरी के आरोप में जेल जा चुके हैं, और उनके घरों से बरामद नकदी गिनने वाली मशीनें गिनते गिनते खराब हो गई थीं।
उन्होंने आरोप लगाया, “इस भ्रष्ट शासन के तहत बंगाल का विकास पूरी तरह से ठप हो गया है। तृणमूल कांग्रेस अब भ्रष्टाचार का पर्याय बन गई है। इसके शीर्ष नेता सार्वजनिक धन की हेराफेरी के आरोप में जेल जा चुके हैं।”
शाह ने तृणमूल कांग्रेस पर भ्रष्टाचार को कायम रखने के लिए "सिंडिकेट राज" का समर्थन करने का आरोप लगाया। भाजपा नेता ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल की अर्थव्यवस्था में अभूतपूर्व गिरावट आई है, जिसके चलते 7000 से अधिक उद्योग राज्य छोड़कर चले गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया, “तृणमूल के शासनकाल में राज्य की हालत बहुत खराब हो गई है; अब इससे ज्यादा बदतर स्थिति की कोई गुंजाइश नहीं है।”
उन्होंने कहा, ‘‘कम्युनिस्टों के सत्ता में आने से पहले एक समय ऐसा था जब राज्य की प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत से 27 प्रतिशत अधिक थी। अब यह घटकर राष्ट्रीय औसत से 27 प्रतिशत कम हो गई है। यहां पनप रहे भ्रष्टाचार, घुसपैठ और 'टोल-बाजी' (जबरन वसूली रैकेट) के कारण उद्योग यहां से जा रहे हैं। इसके लिए ममता बनर्जी जिम्मेदार हैं।’’
शाह ने कहा कि ऐसा माना जाता था कि कम्युनिस्टों की हार के बाद हिंसा और बदले की राजनीति खत्म हो जाएगी लेकिन तृणमूल ने कम्युनिस्टों को भी पीछे छोड़ दिया।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘अब तक 300 से अधिक भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या हो चुकी है। 3,000 से अधिक भाजपा कार्यकर्ता अब भी अपने घरों को नहीं लौट पाए हैं। उन पर दबाव डाला जा रहा है कि उन्हें तभी घर जाने दिया जाएगा जब वे तृणमूल का झंडा लेकर चलेंगे।’’
भाषा आशीष