उपराज्यपाल ने केजरीवाल को पत्र लिखकर दिल्ली में प्रदूषण के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया
शफीक सुभाष
- 23 Dec 2025, 10:54 PM
- Updated: 10:54 PM
नयी दिल्ली, 23 दिसंबर (भाषा) दिल्ली के उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखकर राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण की स्थिति के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया।
इस पर पलटवार करते हुए ‘आप’ ने उपराज्यपाल सक्सेना पर वायु प्रदूषण के मुद्दे पर ‘‘राजनीतिक ध्यान भटकाने’’ और ‘‘नाटक’’ करने का आरोप लगाया। साथ ही, भाजपा पर पर्यावरणीय संकट से निपटने में दिल्ली सरकार की विफलता से ध्यान हटाने के लिए ‘‘पत्र राजनीति’’ करने का आरोप लगाया।
‘आप’ ने कहा कि यह मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली मौजूदा सरकार से ध्यान हटाने का जानबूझकर किया गया प्रयास है।
पार्टी ने आरोप लगाया कि दिल्ली में प्रदूषण की गंभीर समस्या के बावजूद, उपराज्यपाल ने मौजूदा सरकार से सवाल करने के बजाय एक पूर्व मुख्यमंत्री को पत्र लिखना बेहतर समझा।
पार्टी ने इसे मीडिया में अपनी प्रासंगिकता बनाए रखने के उद्देश्य से की गई ‘‘पत्र नौटंकी’’ बताया।
‘आप’ के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने कहा कि उपराज्यपाल दिल्ली में प्रदूषण की गंभीरता से बेखबर नजर आ रहे हैं और उन्होंने अपने संवैधानिक दायित्व का निर्वहन नहीं किया है।
पत्र में सक्सेना ने दावा किया कि वायु प्रदूषण पर केजरीवाल के साथ हुई बातचीत के दौरान, पूर्व मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे को कमतर आंका तथा कहा कि यह एक वार्षिक घटना है और पर्यावरण कार्यकर्ता और अदालतें इसे मुद्दा बनाते हैं और फिर भूल जाते हैं।
सक्सेना ने 15 पन्नों के पत्र में, आम आदमी पार्टी के प्रमुख पर आरोप लगाया कि उन्होंने ‘‘तुच्छ राजनीतिक लाभ के लिए 10 महीने की भाजपा सरकार के समक्ष अनावश्यक रूप से जटिलताएं पैदा कर दी हैं, जो उनके द्वारा की गई गलतियों को सुधारने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।’’
उपराज्यपाल ने कहा कि दिल्ली विधानसभा चुनावों में करारी हार के बावजूद, केजरीवाल और उनकी पार्टी ने नतीजों से सबक नहीं लिया है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ‘‘दिल्ली की जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर तुच्छ राजनीति करने और झूठ फैलाने में लगी हुई है।’’
उपराज्यपाल ने लिखा, ‘‘पिछले 11 वर्षों में आम आदमी पार्टी सरकार की निष्क्रियता ही राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण की इस गंभीर स्थिति के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार है। केजरीवाल सरकार ने सिर्फ तत्कालीन पंजाब सरकार और भारत सरकार को दोषी ठहराया। उसने धूल उत्सर्जन को रोकने के लिए कभी कोई कदम नहीं उठाया, जो दिल्ली में वायु प्रदूषण का मुख्य कारण है।’’
एक गजल की पंक्तियां उद्धृत करते हुए, सक्सेना ने लिखा, ‘‘जब किसी से कोई गिला रखना, सामने अपने आईना रखना।’’
उपराज्यपाल ने कहा कि वह इन चिंताओं को व्यक्तिगत रूप से या फोन पर व्यक्त कर सकते थे, लेकिन केजरीवाल ने चुनावी हार के बाद उनसे मिलना बंद कर दिया और उनका नंबर ब्लॉक कर दिया।
उपराज्यपाल ने तत्कालीन आम आदमी पार्टी सरकार पर सभी मोर्चों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कहा कि सड़कें और फुटपाथ वर्षों तक पूरी तरह से जर्जर अवस्था में रहे, जिससे धूल प्रदूषण में काफी वृद्धि हुई।
सक्सेना ने केजरीवाल सरकार पर दिल्ली मेट्रो के चौथे चरण और रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) जैसी प्रमुख सार्वजनिक परिवहन परियोजनाओं को रोकने का आरोप लगाया।
भाषा
शफीक