दिल्ली सरकार का फैसला- अब पीयूसी नियम का उल्लंघन करने पर चालान माफ नहीं होगा
नोमान दिलीप
- 22 Dec 2025, 10:33 PM
- Updated: 10:33 PM
नयी दिल्ली, 22 दिसंबर (भाषा) दिल्ली सरकार ने प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सोमवार को कई निर्णय लिए, जिनमें प्रदूषण नियंत्रण मानकों का सख्ती से पालन और चालान में कोई छूट नहीं देना, दिल्ली-एनसीआर में ‘पूल्ड’ और साझा इलेक्ट्रिक बस सेवाओं की संभावना तलाशना, ई-रिक्शा के लिए नए दिशा-निर्देश जारी करना और डीटीसी बस मार्गों को युक्तिसंगत बनाना शामिल है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रदूषण नियंत्रण उपायों का आकलन करने और प्रभावी निर्णय लेने के लिए दिल्ली सचिवालय में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने वैध प्रदूषण नियंत्रण (पीयूसी) प्रमाणपत्र के बिना चलने वाले वाहनों पर कड़ा रुख अपनाया।
मौजूदा प्रावधानों के तहत, प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाता है। यह देखा गया कि कई मामलों में वाहन मालिक इन जुर्मानों को कम कराने के लिए लोक अदालतें पहुंच जाते हैं, जिससे दंडात्मक प्रभाव कमजोर हो जाता है।
गुप्ता ने स्पष्ट किया कि अब से किसी भी परिस्थिति में कोई चालान माफ नहीं किया जाएगा।
बयान में कहा गया कि उन्होंने अधिकारियों को आवश्यकता पड़ने पर अदालतों का दरवाजा खटखटाने सहित सभी जरूरी कानूनी विकल्पों पर विचार करने का निर्देश दिया और इस बात पर जोर दिया कि सरकार का उद्देश्य राजस्व प्राप्त करना नहीं, बल्कि स्वच्छ हवा सुनिश्चित करना है।
इसमें कहा गया है कि निजी क्षेत्र की भागीदारी के माध्यम से प्रदूषण मुक्त आवाजाही को बढ़ावा देने के लिए सरकार जल्द ही ओला और उबर जैसी कंपनियों के साथ चर्चा शुरू करेगी।
इस प्रस्ताव का उद्देश्य दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पूल्ड और साझा इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की संभावना तलाशना है।
गुप्ता ने कहा कि ऐसी पहल से निजी वाहनों पर निर्भरता कम होने और पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन के मजबूत होने की उम्मीद है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि राजधानी में ‘जीरो’ उत्सर्जन प्राप्त करना सरकार की मुख्य प्राथमिकता बनी हुई है।
बयान में कहा गया है कि ई-रिक्शा की अनियमित आवाजाही यातायात जाम के एक प्रमुख कारण के रूप में उभरी है, जिससे ईंधन की खपत और प्रदूषण में वृद्धि हुई है।
इस समस्या के समाधान के लिए दिल्ली सरकार जल्द ही ई-रिक्शा के लिए नए व्यापक दिशा-निर्देश जारी करेगी।
इसमें कहा गया है कि ये दिशा-निर्देश यातायात के सुचारू प्रवाह और बेहतर सड़क प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए उन क्षेत्रों और मार्गों को विनियमित करेंगे, जहां वे चल सकते हैं।
सार्वजनिक परिवहन को और मजबूत करने के लिए सरकार ने दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के बस मार्गों को युक्तिसंगत बनाने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डीटीसी की सेवाएं दिल्ली के हर क्षेत्र और मोहल्ले तक पहुंचनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक और तर्कसंगत मार्ग योजना से अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी में सुधार होगा और नागरिक निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन चुनने के लिए प्रोत्साहित होंगे।
बैठक के बाद दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने प्रदूषण पर एक बैठक की और लोक निर्माण विभाग, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति और परिवहन विभाग सहित विभिन्न विभागों से फीडबैक मांगा।
सिरसा ने कहा, "मुख्यमंत्री ने इलेक्ट्रिक बसों की उपलब्धता और शहर में यातायात जाम वाले प्रमुख स्थानों की पहचान करने और वहां राहत देने पर चर्चा की। बैठक में ‘कारपूलिंग’ को बढ़ावा देने सहित सार्वजनिक परिवहन में सुधार पर चर्चा हुई। हम ‘कारपूलिंग’ ऐप को फिर से शुरू करने पर भी विचार कर रहे हैं।"
भाषा नोमान