कुछ लोग वीबी-जी राम जी अधिनियम को लेकर भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे:शिवराज चौहान
अमित माधव
- 22 Dec 2025, 09:53 PM
- Updated: 09:53 PM
नयी दिल्ली, 22 दिसंबर (भाषा) ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को दावा किया कि कुछ लोग वीबी-जी राम जी अधिनियम को लेकर भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। चौहान ने इसके साथ ही गांव स्तर पर नयी ग्रामीण रोजगार योजना के बारे में सही जानकारी प्रसारित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
मध्य प्रदेश के भोपाल में विभिन्न राज्यों के रोजगार सहायकों के साथ बैठक के बाद, उन्होंने मनरेगा की जगह लेने वाले विकसित भारत गारंटी रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी राम जी) अधिनियम को ऐतिहासिक बताया।
केंद्रीय मंत्री चौहान ने कहा, ‘‘कुछ लोग इस योजना को लेकर भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सच्चाई को समझना और यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि सही जानकारी हर गांव तक पहुंचे।’’
चौहान ने बताया कि नयी ग्रामीण रोजगार योजना के तहत प्रशासनिक व्यय को पहले के छह प्रतिशत से बढ़ाकर नौ प्रतिशत कर दिया गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘इसका सीधा लाभ यह होगा कि 1,51,282 करोड़ रुपये के कुल प्रस्तावित बजट में से 13,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि कर्मचारियों के वेतन और प्रशासनिक आवश्यकताओं के लिए आवंटित की जाएगी।’’
मंत्री ने कहा कि यह राशि कर्मचारियों के वेतन भुगतान के लिए पर्याप्त होगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रशासनिक व्यय में कोई फिजूलखर्ची ना हो। उन्होंने कहा कि वाहनों या अनावश्यक वस्तुओं पर होने वाले खर्च को रोकने के लिए कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
उन्होंने कहा, ‘‘पुरानी कमियों को दूर करके वीबी-जी राम जी योजना को अधिक व्यावहारिक और प्रभावी बनाने के प्रयास किए गए हैं। प्रशासनिक व्यय बढ़ाकर जमीनी स्तर पर काम करने वाले सहयोगियों की कठिनाइयों को कम करने की दिशा में ठोस कदम उठाया गया है।’’
चौहान ने कहा कि मनरेगा के तहत 100 दिनों के रोजगार की गारंटी थी, जिसे नये कानून के तहत बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि यह सिर्फ दिनों की वृद्धि नहीं है, बल्कि रोजगार की गारंटी को और मजबूत करना है।
उनके मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, चौहान ने कहा कि बैठक के दौरान रोजगार सहायकों ने वेतन में देरी और वेतन नहीं मिलने की समस्या को उठाया। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि अन्य खर्चों से पहले वेतन का भुगतान किया जाए और इसके लिए राज्यों के साथ समन्वय करके आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे।
मंत्री ने यह भी कहा कि बेरोजगारी भत्ता और विलंबित भुगतान के लिए मुआवजे का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि मौजूदा मजदूरी दरें जारी रहेंगी और मजदूरी में हर साल वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि वीबी-जी राम जी योजना के तहत चार प्रकार के कार्य किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि पहली श्रेणी में जल संरक्षण से संबंधित कार्य शामिल हैं, दूसरी श्रेणी में स्कूल, अस्पतालों, आंगनवाड़ी केंद्रों, सड़कों और नालियों जैसी बुनियादी ग्राम अवसंरचना के कार्य शामिल हैं।
चौहान ने कहा कि तीसरी श्रेणी में आजीविका आधारित गतिविधियां होंगी जो रोजगार विस्तार में सहायक होंगी, जबकि चौथी श्रेणी में प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा से संबंधित कार्य शामिल होंगे, जैसे कि तटबंध, जल निकासी व्यवस्था और नदियों और नालों से जुड़ी संरचनाएं।
भाषा अमित