उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 24,497 करोड़ रुपये की पूरक मांगें की पेश
मनीषा अजय
- 22 Dec 2025, 02:56 PM
- Updated: 02:56 PM
लखनऊ, 22 दिसंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने राज्य विधानसभा में चालू वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 24,496.97 करोड़ रुपये के अनुदान की पूरक मांगें सोमवार को पेश कीं।
खन्ना ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन इस प्रस्ताव को पेश करते हुए कहा कि केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लिए प्राप्त होने वाले 2,197.24 करोड़ रुपये के केंद्रीय हिस्से को घटाने के बाद, राज्य की समेकित निधि पर 22,299.74 करोड़ रुपये का शुद्ध अतिरिक्त बोझ होगा।
उन्होंने सदन को बताया कि अतिरिक्त व्यय की पूर्ति कर एवं गैर-कर राजस्व के निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करके और अनुत्पादक व्यय पर अंकुश लगाकर की जाएगी।
वित्त मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के विकास एवं कल्याणकारी आवश्यकताओं को पूरा करते हुए राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। खन्ना ने बताया कि यह (अनुपूरक बजट) 24 हजार 496. 98 करोड़ रुपये का है, जिसमें राजस्व लेखे का व्यय 18,369.30 करोड़ रुपये तथा पूंजी लेखे का व्यय 6,127.68 करोड़ रुपये है।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित अनुपूरक बजट का आकार इस वर्ष मूल बजट का 3.03 प्रतिशत है। इसमें विशेष रूप से जो हमारे सामने मुख्य मुख्य बातें हैं हम उन पर ध्यान दे रहे हैं।
खन्ना द्वारा प्रस्तावित अनुपूरक बजट प्रावधानों में औद्योगिक विकास के लिए 4,874 करोड़ रुपये, बिजली क्षेत्र के लिए 4,521 करोड़ रुपये, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण के लिए 3,500 करोड़ रुपये, शहरी विकास के लिए 1,758.56 करोड़ रुपये और तकनीकी शिक्षा के लिए 639.96 करोड़ रुपये शामिल हैं। सामाजिक और भविष्योन्मुखी क्षेत्रों पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। आवंटन में महिला एवं बाल विकास के लिए 535 करोड़ रुपये, यूपीएनईडीए (सौर और नवीकरणीय ऊर्जा) के लिए 500 करोड़ रुपये, चिकित्सा शिक्षा के लिए 423.80 करोड़ रुपये और गन्ना और चीनी मिल क्षेत्र के लिए 400 करोड़ रुपये शामिल हैं।
खन्ना ने कहा कि उत्तर प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 31.14 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है, जो पहले के अनुमानों से ज्यादा है। अनुदान के लिए अनुपूरक मांगें विधानमंडल के सामने तब पेश की जाती हैं जब वार्षिक बजट में स्वीकृत राशि वित्त वर्ष के दौरान वास्तविक खर्च की ज़रूरतों से कम पड़ जाती है।
सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पेश अनुपूरक बजट में चिकित्सा शिक्षा और प्रशिक्षण को बड़ी प्राथमिकता दी है। प्रदेश में चिकित्सा ढांचे को सुदृढ़ करने, नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना, सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं के विस्तार और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से कुल 423.80 करोड़ रुपये की धनराशि का आवंटन किया गया है। यह बजट आवंटन प्रदेश के स्वास्थ्य तंत्र को मजबूती देने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेजों को भी बड़ी धनराशि आवंटित की गई है। बयान में राजधानी लखनऊ के संस्थानों समेत जिलों के लिए प्रस्तावित बजट की जानकारी दी गई है।
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