कर्नाटक : कांग्रेस ने मनरेगा को हटाने और नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन किया
रवि कांत रवि कांत रंजन
- 20 Dec 2025, 10:11 PM
- Updated: 10:11 PM
(फोटो के साथ)
बेंगलुरु, 20 दिसंबर (भाषा) कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) योजना में बदलाव के विरोध में शनिवार को प्रदर्शन किया।
कांग्रेस की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष एवं उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के नेतृत्व में फ्रीडम पार्क में विरोध प्रदर्शन का आयोजन हुआ। इस प्रदर्शन में पार्टी के कई नेता और विधायक शामिल हुए।
शिवकुमार ने विरोध प्रदर्शन के दौरान एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी और उसके कार्यकर्ता 'गांधी के भारत को गोडसे (नथुराम गोडसे) के भारत में परिवर्तित नहीं होने देंगे'।
शिवकुमार ने कहा कि नाथूराम गोडसे की पार्टी (संभवतः भाजपा का जिक्र करते हुए) महात्मा गांधी का नाम मिटाने की कोशिश कर रही है, जिन्होंने देश की एकता और स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया।
उन्होंने मनरेगा योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लोगों को 'गद्दार' करार दिया।
उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं ने गांधी प्रतिमाओं के सामने विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार खो दिया है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘अब से आप (भाजपा) गांधी प्रतिमाओं के सामने विरोध प्रदर्शन न करें।’’
शिवकुमार ने भाजपा और केंद्र में पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार को मुद्रा के नोटों से महात्मा गांधी की तस्वीर हटाने की चुनौती देते हुए कहा, ‘‘हम इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश करने के आपके प्रयासों को सफल नहीं होने देंगे। कांग्रेस ऐसा होने नहीं देगी।’’
उन्होंने दावा किया कि नेहरू-गांधी परिवार ने इस देश के लिए अपनी संपत्ति, जान और सत्ता का बलिदान दिया है।
शिवकुमार ने आरोप लगाया कि भाजपा ने अपनी गरिमा खो दी है। उन्होंने नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं को निशाना बनाने के लिए केंद्र सरकार की आलोचना की।
उन्होंने केंद्र पर 'राजनीतिक घृणा' के चलते जांच एजेंसियों का इस्तेमाल करते हुए कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ झूठे मामले दर्ज करने का आरोप लगाया।
इससे पहले, शिवकुमार ने मुख्यमंत्री सिद्धरमैया, मंत्रियों और कांग्रेस विधायकों के साथ मिलकर 17 दिसंबर को बेलगावी के सुवर्ण विधान सौधा स्थित गांधी प्रतिमा के सामने इस मुद्दे पर आयोजित विरोध प्रदर्शन में भाग लिया था।
राज्य के विभिन्न जिलों और तालुका केंद्रों में भी इसी तरह के विरोध प्रदर्शन हुए।
संसद ने बृहस्पतिवार को ‘विकसित भारत- जी राम जी विधेयक, 2025’ को मंजूरी दी। यह महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की जगह लेगा। विपक्षी दलों ने महात्मा गांधी का नाम हटाए जाने को लेकर इस विधेयक का कड़ा विरोध किया है।
दिल्ली की अदालत ने मंगलवार को अपने आदेश में नेशनल हेराल्ड मामले में लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी तथा पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ ईडी की शिकायत पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया था। अदालत ने कहा कि एक निर्धारित अपराध के लिए प्राथमिकी के अभाव में धन शोधन के आरोपों की जांच नहीं की जा सकती है।
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