बंगाल में ‘महाजंगलराज’ खत्म होगा, भाजपा के विरोध में जनता को कष्ट दे रही सरकार : मोदी
प्रशांत रंजन
- 20 Dec 2025, 08:30 PM
- Updated: 08:30 PM
कोलकाता, 20 दिसंबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस पर जमकर हमला बोला और राज्य की मौजूदा स्थिति को ‘‘महाजंगलराज’’ करार देते हुए आरोप लगाया कि “सत्तारूढ़ दल का भ्रष्टाचार, परिवारवाद और तुष्टीकरण” राज्य का विकास बाधित कर रहा है।
कोलकाता से फोन के जरिये नदिया जिले के ताहिरपुर में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मोदी ने लोगों से अपील की कि 2026 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को एक मौका देकर ‘‘डबल इंजन’’ की सरकार बनाएं।
भाजपा के नेता केंद्र और राज्यों दोनों में पार्टी की सरकार को “डबल इंजन” सरकार कहते हैं।
रैली स्थल पर घने कोहरे के कारण प्रधानमंत्री का हेलीकॉप्टर वहां बने अस्थायी हेलीपैड पर नहीं उतर सका, जिसके बाद उन्हें कोलकाता हवाई अड्डे वापस लौटना पड़ा। बाद में उन्होंने वहीं से डिजिटल ऑडियो माध्यम से लोगों को संबोधित किया।
मोदी ने परिवर्तन संकल्प सभा में कहा, “तृणमूल कांग्रेस मेरा और भाजपा को जितना चाहे उतना विरोध करे, लेकिन मैं यह नहीं समझ पा रहा हूं कि सत्तारूढ़ पार्टी क्यों लोगों को बंधक बनाकर रख रही है, उन्हें परेशान कर रही है और बंगाल की प्रगति को रोक रही है।”
परिवर्तन संकल्प सभा इस वर्ष बंगाल में ऐसी चौथी सभा है।
मोदी ने दावा किया, “हम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस का महा जंगलराज खत्म कर देंगे, जहां भ्रष्टाचार, परिवारवाद और तुष्टीकरण की राजनीति हावी है।”
प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल में “कट मनी और कमीशन” की प्रथा का बोलबाला होने का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में विकास थम गया है, जबकि क्षेत्र के लिए “अच्छी नीयत, योजनाओं और धन” की कोई कमी नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि “प्रतिकूल राज्य सरकार” के कारण हजारों करोड़ रुपये की कल्याणकारी योजनाएं रुकी हुई हैं।
मोदी ने अगले साल के विधानसभा चुनाव के लिए अपनी पार्टी का चुनावी बिगुल बजाते हुए कहा, “मैं बंगाल के विकास के लिए अपनी पूरी ताकत लगाना चाहता हूं। भाजपा को एक मौका देकर डबल इंजन सरकार बनाएं।”
उन्होंने हाल ही में संपन्न बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की प्रचंड जीत का जिक्र करते हुए कहा कि बिहार के चुनावी परिणाम पड़ोसी बंगाल में पार्टी के भाग्य पर सकारात्मक प्रभाव डालेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “बिहार के चुनाव परिणामों ने बंगाल में भाजपा की जीत के दरवाजे खोल दिए हैं क्योंकि सभी जानते हैं कि गंगा बिहार से बंगाल की ओर बहती है।”
प्रधानमंत्री ने कहा, “बंगाल की जमीनी हकीकत यह है कि लोग तृणमूल कांग्रेस के कुशासन से मुक्ति चाहते हैं।”
उन्होंने कहा, “राज्य की गली-गली में ‘बांचते चाई, बीजेपी ताई’ (जीने के लिए भाजपा चाहिए) का नारा गूंज रहा है।”
प्रधानमंत्री ने नदिया जिले के रणाघाट क्षेत्र में रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण एक स्थान पर जनसभा को संबोधित किया, जहां मतुआ समुदाय का प्रभाव है।
मतुआ समुदाय के लोग बांग्लादेश से आए नामसु्द्र हिंदू प्रवासी हैं और हाल ही में एसआईआर मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद समुदाय के मताधिकार से वंचित होने का खतरा बढ़ गया है।
रैली स्थल मतुआ समुदाय के गढ़ कहे जाने वाले बोंगाव से ज्यादा दूर नहीं था।
मोदी ने डिजिटल संबोधन में मतुआ संप्रदाय के धार्मिक नेता और संस्थापक हरिचंद ठाकुर और गुरुचंद ठाकुर का जिक्र कर उनके योगदान को सराहा।
प्रधानमंत्री ने रैली में इस क्षेत्र के 15वीं सदी के बंगाली संत को श्रद्धांजलि देते हुए 'जॉय निताई' का नारा भी लगाया और एक अन्य संत चैतन्य महाप्रभु के योगदान को भी याद किया। मतुआ समुदाय दोनों की अराधना करता है।
मोदी ने राज्य में भाजपा के प्रमुख चुनावी मुद्दे घुसपैठ पर भी बात की और आरोप लगाया कि “घुसपैठियों को बंगाल में तृणमूल कांग्रेस का समर्थन व संरक्षण प्राप्त है।”
उन्होंने कहा, “तृणमूल एसआईआर प्रक्रिया का विरोध कर रही है ताकि घुसपैठियों को पहचाने जाने से बचाया जा सके। उन्हें उन प्रताड़ित शरणार्थियों के लिए कोई हमदर्दी नहीं है जिन्हें हम सीएए के माध्यम से नागरिकता देने की कोशिश कर रहे हैं। तृणमूल उन्हें डराने के लिए झूठी बातें फैला रही है।”
जिले के कुछ इलाकों में लगाए गए “गो बैक मोदी” (मोदी वापस जाओ) के पोस्टरों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे नारे घुसपैठियों के लिए ही होने चाहिए थे।
उन्होंने आरोप लगाया, “अगर तृणमूल को इस राज्य की परवाह होती तो उन्हें ‘घुसपैठियों वापस जाओ’ कहना चाहिए था। लेकिन वे इस मुद्दे पर चुप हैं। यही उस पार्टी का असली चेहरा है।”
वंदे मातरम के रचनाकार “बंकिम दा” को लेकर संसद में विवाद के बाद मोदी ने उन्हें “ऋषि बंकिम बाबू” कहकर श्रद्धांजलि दी और भीड़ को राष्ट्रीय गीत के 150 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित समारोहों की याद दिलाई।
उन्होंने कहा, “वंदे मातरम् को 21वीं सदी के राष्ट्र निर्माण के लिए हमारा मूलमंत्र होना चाहिए। यह हमारे विकसित भारत के नारे के पीछे की प्रेरणा होनी चाहिए।”
उन्होंने तृणमूल कांग्रेस पर आरोप लगाया कि “वामपंथी दलों को सत्ता से बाहर कर उनके दोषों को अपने अंदर समाहित कर लिया।”
प्रधानमंत्री ने भाजपा की सरकार बनने के बाद त्रिपुरा में हुए “तेज विकास” और तृणमूल कांग्रेस सरकार के दौरान बंगाल की “विकास दर में तेज गिरावट” की तुलना की।
उन्होंने आरोप लगाया, “कम्युनिस्टों ने अपने 30 साल के शासनकाल में त्रिपुरा को तबाह कर दिया था। वहां की जनता ने हम पर भरोसा जताया और आज राज्य तेजी से प्रगति कर रहा है। वामपंथी दलों को हराने के बाद तृणमूल से लोगों को ऐसी ही उम्मीदें थीं, लेकिन सत्ताधारी पार्टी ने वामपंथी दलों की सारी बुराइयां अपना ली हैं और उनके सबसे बुरे नेताओं को अपने दल में शामिल कर लिया है।”
उन्होंने दावा किया, “त्रिपुरा आगे बढ़ रहा है, तेजी से विकास कर रहा है, तब दूसरी ओर बंगाल तृणमूल के शासन के तहत विकास के मामले में पीछे जा रहा है।” उन्होंने राज्य लौटने पर लोगों के साथ उनकी पार्टी के बंगाल के लिए दृष्टिकोण को साझा करने का वादा किया।
भाषा प्रशांत