बंगाल में ‘महाजंगलराज’ खत्म होगा, भाजपा का विरोध कर जनता को कष्ट दे रही टीएमसी : प्रधानमंत्री
रंजन
- 20 Dec 2025, 09:03 PM
- Updated: 09:03 PM
कोलकाता, 20 दिसंबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर जमकर हमला बोला और राज्य की मौजूदा स्थिति को ‘‘महाजंगलराज’’ करार देते हुए आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार, परिवारवाद और तुष्टीकरण की नीति ने राज्य के विकास को रोक दिया है।
कोलकाता से फोन के जरिये नदिया जिले के ताहिरपुर में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मोदी ने लोगों से अपील की कि 2026 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को एक मौका देकर ‘‘डबल इंजन’’ की सरकार बनाएं।
भाजपा के नेता केंद्र और राज्यों दोनों में पार्टी की सरकार को डबल इंजन सरकार कहते हैं।
रैली स्थल पर घने कोहरे के कारण प्रधानमंत्री का हेलीकॉप्टर वहां बने अस्थायी हेलीपैड पर नहीं उतर सका, जिसके बाद उन्हें कोलकाता हवाई अड्डे वापस लौटना पड़ा।
मोदी ने परिवर्तन संकल्प सभा में कहा, “तृणमूल कांग्रेस चाहे जितना विरोध करे, लेकिन वह लोगों को बंधक नहीं बना सकती, उन्हें कष्ट नहीं दे सकती और बंगाल के विकास को नहीं रोक सकती।”
परिवर्तन संकल्प सभा इस वर्ष बंगाल में ऐसी चौथी सभा है।
मोदी ने दावा किया, “हम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस का 'महाजंगलराज' खत्म कर देंगे, जहां भ्रष्टाचार, परिवारवाद और तुष्टीकरण की राजनीति हावी है।
प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल में "कट मनी और कमीशन" की प्रथा का बोलबाला होने का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में विकास थम गया है, जबकि क्षेत्र के लिए "अच्छी नीयत, योजनाओं और धन" की कोई कमी नहीं है।
मोदी ने अगले साल के विधानसभा चुनाव के लिए अपनी पार्टी का चुनावी बिगुल बजाते हुए कहा, "मैं बंगाल के विकास के लिए अपनी पूरी ताकत लगाना चाहता हूं। भाजपा को एक मौका देकर डबल इंजन सरकार बनाएं।"
उन्होंने हाल ही में संपन्न बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की प्रचंड जीत का जिक्र करते हुए कहा कि बिहार के चुनावी परिणाम पड़ोसी बंगाल में पार्टी के भाग्य पर सकारात्मक प्रभाव डालेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "बिहार के चुनाव परिणामों ने बंगाल में भाजपा की जीत के दरवाजे खोल दिए हैं क्योंकि सभी जानते हैं कि गंगा बिहार से बंगाल की ओर बहती है।”
प्रधानमंत्री ने कहा, “बंगाल की जमीनी हकीकत यह है कि लोग तृणमूल कांग्रेस के कुशासन से मुक्ति चाहते हैं।”
उन्होंने कहा, “राज्य की गली-गली में ‘बांचते चाई, बीजेपी ताई’ (जीने के लिए भाजपा चाहिए) का नारा गूंज रहा है।”
प्रधानमंत्री ने नदिया जिले के रणाघाट क्षेत्र में रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण एक स्थान पर जनसभा को संबोधित किया, जहां मतुआ समुदाय का प्रभाव है।
मतुआ समुदाय के लोग बांग्लादेश से आए नामसु्द्र हिंदू प्रवासी हैं और हाल ही में एसआईआर मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद समुदाय के मताधिकार से वंचित होने का खतरा बढ़ गया है।
रैली स्थल मतुआ समुदाय के गढ़ कहे जाने वाले बोंगाव से ज्यादा दूर नहीं था।
मोदी ने डिजिटल संबोधन में मतुआ संप्रदाय के धार्मिक नेता और संस्थापक हरिचंद ठाकुर और गुरुचंद ठाकुर का जिक्र कर उनके योगदान को सराहा।
प्रधानमंत्री ने रैली में इस क्षेत्र के 15वीं सदी के बंगाली संत को श्रद्धांजलि देते हुए 'जॉय नीताई' का नारा भी लगाया और एक अन्य संत चैतन्य महाप्रभु के योगदान को भी याद किया। मतुआ समुदाय दोनों की अराधना करता है।
मोदी ने राज्य में भाजपा के प्रमुख चुनावी मुद्दे घुसपैठ पर भी बात की और आरोप लगाया कि "घुसपैठियों को बंगाल में टीएमसी का समर्थन व संरक्षण प्राप्त है।"
उन्होंने कहा, "टीएमसी एसआईआर प्रक्रिया का विरोध कर रही है ताकि घुसपैठियों को पहचाने जाने से बचाया जा सके। यही पार्टी का असली रूप है।"
वंदे मातरम के रचनाकार "बंकिम दा" को लेकर संसद में विवाद के बाद मोदी ने उन्हें "ऋषि बंकिम बाबू" कहकर श्रद्धांजलि दी और भीड़ को राष्ट्रीय गीत के 150 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित समारोहों की याद दिलाई।
उन्होंने टीएमसी पर आरोप लगाया कि "वामपंथी पार्टियों को सत्ता से बाहर कर उनके दोषों को अपने अंदर समाहित कर लिया।”
प्रधानमंत्री ने भाजपा की सरकार बनने के बाद त्रिपुरा में हुए "तेज विकास" और तृणमूल कांग्रेस सरकार के दौरान बंगाल की "विकास दर में तेज गिरावट" की तुलना की।
मोदी ने दावा किया, "एक ओर जहां डबल इंजन सरकार के साथ त्रिपुरा आगे बढ़ रहा है, तेजी से विकास कर रहा है, तब दूसरी ओर बंगाल टीएमसी के शासन के तहत विकास के मामले में पीछे जा रहा है।”
भाषा जोहेब