मूल्य आधारित हो विकास और नवाचार: राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष देवनानी
अमित
- 19 Dec 2025, 05:00 PM
- Updated: 05:00 PM
जयपुर, 19 दिसंबर (भाषा) राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने शुक्रवार को कहा कि शिक्षा, विकास, प्रौद्योगिकी और नवाचार मूल्य आधारित, समयानुकूल व युगानुकूल होने चाहिए। उन्होंने कहा कि शोध और अनुसंधान समाज और मानव जीवन को लाभ देने वाले हों।
देवनानी ने कहा कि मानव जीवन में चारित्रिक दृढता, नेतृत्व कौशल और सामाजिक प्रतिबद्धता के साथ लक्ष्य तय करके काम करने चाहिए, इसी से समाज निर्माण की दिशा तय हो सकेगी।
वे यहां एक महिला महाविद्यालय में दो दिवसीय बहुविषयक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। देवनानी ने कहा कि नये परिप्रेक्ष्य में आज का विद्यार्थी आज का ही नागरिक है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को विश्लेषण के लिए सोच बढानी होगी। उन्होंने कहा कि भारत और भारत के नागरिक होने पर गर्व की अनुभूति का एहसास नई पीढ़ी को भी कराना होगा।
उन्होंने नैतिक मूल्यों के साथ ही नवाचार करने पर जोर देते हुए कहा कि सांस्कृतिक सनातन संस्कृति के मूल्यों से नई पीढ़ी को भी परिचित कराएं ताकि युवाओं में संवेदनशीलता, आदर, सहृदयता, ईमानदारी, विश्वास, करूणा और सहयोग की भावना का विकास हो सके। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति को जीवन का अंग बनाएं और उसे व्यवहार में लाएं।
देवनानी ने कहा कि आज का बदलता परिवेश कृत्रिम मेधा (एआई) का है। उन्होंने कहा, ‘‘एआई से जब हम किसी संदर्भ में जानकारी लेते हैं तो वहां से गैर भावनात्मक जानकारी प्राप्त होती है।’’
उन्होंने कहा कि इंटरनेट पर अधिक से अधिक भारतीय परिवेश वाला ‘कंटेंट’ प्रसारित करें ताकि जब कोई एआई से जानकारी ले तो उसमें भारतीय परिवेश के संबंध में सही जानकारी प्राप्त हो सके।
उन्होंने कहा कि नाम से ही भाव आए यह नवाचार में आवश्यक होता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, विकास, तकनीकी में किये जाने वाले नवाचार मूल्य आधारित होने चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सामाजिक परिवर्तन का युग है, भौतिकता के साथ आध्यात्मिकता और नैतिकता का होना जरूरी है।
देवनानी ने कहा कि जर्मनी और जापान में वैज्ञानिक अथर्ववेद की सूक्तियों पर अनुसंधान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कृषि, चिकित्सा, शिक्षा में आधुनिक तकनीक अपनाएं और नैतिक मूल्यों के साथ विकास और नवाचार करें।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि नारी शक्ति को विश्व में भारतीय संस्कृति के प्रसार का वाहक बनना होगा। देवनानी ने सम्मेलन में नवाचार, प्रौद्योगिकी, महिला सशक्तिकरण और मानव मूल्यों के सतत भविष्य पर प्रकाशित स्मारिका का विमोचन किया।
उद्घाटन समारोह में राजस्थान विश्वविद्यालय की कुलगुरु प्रो. अल्पना कटेजा, पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय सीकर के कुलगुरु प्रो० अनिल कुमार राय विशिष्ट अतिथि थे। मुख्य वक्ता मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट ऑफ इंडिया के पूर्व महानिदेशक डॉ. लक्ष्मण सिंह राठौड़ थे।
भाषा पृथ्वी