केवल संवैधानिक अदालतें ही बिना किसी छूट के आजीवन कारावास की सजा दे सकती हैं : उच्चतम न्यायालय

केवल संवैधानिक अदालतें ही बिना किसी छूट के आजीवन कारावास की सजा दे सकती हैं : उच्चतम न्यायालय