विपक्षियों के पाप गंगा मैया में भी नहीं धुल सकेंगे : धामी
आनन्द रंजन
- 11 May 2024, 10:00 PM
- Updated: 10:00 PM
जौनपुर (उप्र) 11 मई (भाषा) उत्तराखंड के मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्षियों के पाप गंगा मैया में भी नही धुल सकेंगे।
पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को जिले के बदलापुर में संसदीय क्षेत्र जौनपुर से भाजपा प्रत्याशी कृपाशंकर सिंह के पक्ष में आयोजित ’युवा सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए कहा कि ''सपा, कांग्रेस और बसपा को यह पता है कि इनकी लोकसभा चुनाव में हार निश्चित है।''
उन्होंने कहा ''ये लोग (विपक्ष) चुनाव अपने परिवार को बचाने, पापों, भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए लड़ रहे हैं, पर विपक्षियों के पाप गंगा मैया में भी नही धुल सकेंगे।''
भाजपा राज्य मुख्यालय द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार अपने संबोधन में धामी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, ''हाल ही में आए एक जनसंख्या आकलन में 1950 से अब तक देश में बहुसंख्यक हिंदू आबादी की घटती संख्या को दर्शाया गया है। अब तक कुल 14 प्रतिशत आबादी घटी है।''
धामी ने कहा ''पर इसके साथ ही एक आबादी बढ़ गई है। हर एक भारतवासी का ये प्रश्न है कि ऐसा क्यों हुआ।''
उन्होंने कहा कि ''इसका कारण देश में सबसे अधिक 60 सालों तक सत्ता में रहने वाली कांग्रेस पार्टी के शासन के कारण हुआ है। एक ही पार्टी और परिवार के कारण देश में हिंदुओं की आबादी घटती रही क्योंकि इन्होंने हमेशा सनातन को नीचा दिखाया है।''
उन्होंने कहा आगामी चुनाव केवल सांसद चुनने का चुनाव नहीं अपितु ये देश का भविष्य चुनने का चुनाव है। धामी ने कहा देशद्रोही शक्तियां आज जातिवाद वर्गवाद के नाम पर मोदी जी को रोकने के लिए विपक्ष का स्लीपर सेल बनकर काम कर रही हैं।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देश में ऐतिहासिक फैसले हुए है। कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाई गई। देश में सीएए कानून लागू कर दिया गया है, तीन तलाक का भी खात्मा कर दिया गया है। भगवान श्री राम का अयोध्या में भव्य मंदिर का निर्माण कार्य हुआ है।
उन्होंने कहा मुख्यमंत्री योगी जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश भय मुक्त, गुंडा मुक्त, माफिया मुक्त, और अपराध मुक्त होकर विकास रोजगार और महिला सशक्तिकरण के रास्ते पर आगे बढ़ा है। आज उत्तर प्रदेश, उत्तम प्रदेश बन गया है।
भाषा आनन्द