शुभेंदु ने मेस्सी के कार्यक्रम में अव्यवस्था की अदालत की निगरानी में जांच कराने की मांग की
अमित देवेंद्र
- 14 Dec 2025, 10:04 PM
- Updated: 10:04 PM
कोलकाता, 14 दिसंबर (भाषा) पश्चिम बंगाल में नेता प्रतिपक्ष एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक शुभेंदु अधिकारी ने एक दिन पहले यहां सॉल्ट लेक स्टेडियम में अर्जेंटीना के लोकप्रिय फुटबॉलर लियोनेल मेस्सी से जुड़े कार्यक्रम के दौरान मची अफरा-तफरी की अदालत की निगरानी में जांच कराने की मांग की है।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि 2026 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के सत्ता में आने के बाद, भाजपा यह सुनिश्चित करेगी कि मेस्सी फिर से बंगाल आएं और युवा भारती क्रीडांगन में अपने हजारों प्रशंसकों को अपने फुटबॉल कौशल से सुखद अनुभव प्रदान करें।
इससे पहले अधिकारी ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि स्टेडियम में मची अफरा-तफरी की जांच के लिए राज्य सरकार द्वारा गठित समिति भाजपा को स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘हम इस समिति को स्वीकार नहीं करते। केवल वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में की गई जांच से ही सच्चाई सामने आ सकती है।’’
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को इस मामले की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति के गठन की घोषणा की थी।
अधिकारी ने राज्य के मंत्रियों सुजीत बोस और अरूप विश्वास की गिरफ्तारी की मांग करते हुए उन पर ‘‘कुप्रबंधन’’ का आरोप लगाया। उन्होंने मांग की कि दर्शकों को टिकट की राशि लौटाई जाए।
उन्होंने बाद में शहर में एक 'परिवर्तन यात्रा' रैली में कहा, "जबकि मुंबई और हैदराबाद दोनों जगह मेस्सी के कार्यक्रम शानदार तरीके से बिना किसी रुकावट के संपन्न हुए, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) मंत्रियों के ‘भ्रष्टाचार’ और ‘कुप्रबंधन’ के कारण हमारे शहर की छवि खराब हुई।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मुंबई में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग), जबकि हैदराबाद में कांग्रेस सत्ता में है। टीएमसी ने पश्चिम बंगाल को सबसे खराब स्थिति में ला दिया है, क्योंकि दूसरे दो शहरों में ऐसी कोई अराजकता या बाधा उत्पन्न नहीं हुई। मैं पश्चिम बंगाल में हजारों मेस्सी प्रशंसकों को भरोसा दिलाता हूं, मैं आपका दर्द समझता हूं। मैं वादा करता हूं कि जब हम राज्य में सत्ता में आएंगे, तो हम मेस्सी को बंगाल लाएंगे।’’
अधिकारी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता अरूप चक्रवर्ती ने कहा कि राज्य के खेल मंत्री अरूप विश्वास को कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था और सवाल उठाया कि भाजपा नेताओं के परिवार के सदस्य वहां क्यों मौजूद थे।
अधिकारी ने यह भी आरोप लगाया कि इस घटना के संबंध में प्राथमिकी मुख्यमंत्री के परिवार और तृणमूल कांग्रेस के अन्य मंत्रियों को बचाने के उद्देश्य से दर्ज की गई है।
शनिवार सुबह सॉल्ट लेक स्टेडियम पहुंचे मेस्सी महज 22 मिनट ही वहां रुके, जिससे प्रशंसक उन्हें ठीक से देख नहीं पाए। इसके बाद भीड़ बेकाबू हो गई और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन हुआ।
भाजपा नेता के साथ कुछ दर्शक भी थे, जिन्होंने दावा किया कि वे इस कार्यक्रम में शामिल हुए थे और कथित कुप्रबंधन से प्रभावित हुए।
अधिकारी ने यह भी सवाल किया कि बोतलबंद पानी - जिसकी शुरू में स्टेडियम के अंदर अनुमति नहीं थी - बाद में परिसर के अंदर कैसे बेचा गया और "150 से 200 रुपये की कीमत पर चिप्स बेचने की अनुमति किसने दी।’’
उन्होंने सवाल किया, ‘‘इन चीजों को स्टेडियम के अंदर किसने आने दिया और इन इंतजामों से कौन पैसे कमा रहा था?"
अधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सॉल्ट लेक स्टेडियम जा रही थीं, लेकिन कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी मचने के बाद उन्हें वापस लौटना पड़ा। उन्होंने कहा, "ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था।"
टीएमसी प्रदेश महासचिव कुणाल घोष ने कहा कि शुभेंदु अधिकारी इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना का राजनीतिकरण कर रहे हैं और बंगाल के फुटबॉल प्रशंसकों की भावनाओं के साथ खेल रहे हैं। उन्होंने इस साल की शुरुआत में उत्तर प्रदेश में महाकुंभ में हुई भगदड़ में हुई मौतों और आरसीबी की आईपीएल जीत के बाद कर्नाटक के बेंगलुरु में हुई भगदड़ की भी याद दिलाई।
टीएमसी प्रवक्ता ने पत्रकारों से कहा, "खुशकिस्मती से मेस्सी वाले कार्यक्रम में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन इसमें कोई शक नहीं कि यह एक गंभीर घटना थी जिसकी जांच की जा रही है। कोई भी, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों ना हो, अगर दोषी पाया गया तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही, तोड़फोड़ में शामिल लोगों का भी पता लगाया जाना चाहिए।’’
भाषा अमित