पंजाब विश्वविद्यालय के प्रोफेसर पत्नी की हत्या से जुड़े मामले में चार साल बाद गिरफ्तार
संतोष पारुल
- 10 Dec 2025, 04:46 PM
- Updated: 04:46 PM
चंडीगढ़, 10 दिसंबर (भाषा) पंजाब विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर को उनकी पत्नी की हत्या के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि प्रोफेसर की पत्नी चार साल पहले विश्वविद्यालय परिसर में स्थित उनके आधिकारिक आवास पर मृत पाई गई थीं।
पुलिस के मुताबिक, प्रोफेसर बीबी गोयल को सोमवार को ‘ब्रेन इलेक्ट्रिकल ऑसिलेशन सिग्नेचर प्रोफाइलिंग’ (ब्रेन मैपिंग) के नतीजों के आधार पर गिरफ्तार किया गया।
उसने बताया कि पंजाब विश्वविद्यालय के बिजनेस स्कूल में वरिष्ठ प्रोफेसर गोयल को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जिसने उन्हें तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।
गृहिणी सीमा गोयल चार नवंबर 2021 को दिवाली के दिन पंजाब विश्वविद्यालय स्थित अपने आवास पर मृत पाई गई थीं।
पुलिस के अनुसार, प्रोफेसर गोयल ने सीमा का शव भूतल पर पाया, जिस पर चोट के निशान थे और हाथ-पैर कपड़े से बंधे हुए थे। पुलिस के पहुंचने से पहले ही उन्होंने शव को अस्पताल पहुंचा दिया था।
उस समय प्रोफेसर गोयल ने पुलिस को बताया था कि जब उनका दूधवाला आया तो उसने घर का मुख्य दरवाजा बाहर से बंद पाया।
सीमा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पुष्टि हुई कि उनकी मौत गला घोंटने से हुई थी। पुलिस जांच में पता चला कि घर में जबरन घुसने का कोई निशान नहीं था और घर से कोई कीमती सामान भी गायब नहीं था।
फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने पाया कि दरवाजे पर लगी धातु की जाली अंदर से काटी गई थी, जो प्रोफेसर के इस दावे का खंडन करती है कि कोई बाहरी व्यक्ति घर में घुसकर उनकी पत्नी की हत्या करके भाग गया।
सीमा के भाई दीप ने दावा किया था कि अपराध घर के अंदर ही किसी ने किया था। जांच की प्रगति से असंतुष्ट होकर दीप ने पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिका भी दायर की थी।
जांच के दौरान, दंपति की बेटी ने दावा किया कि हत्या से एक दिन पहले उसके माता-पिता के बीच झगड़ा हुआ था।
दिसंबर 2021 में पुलिस ने प्रोफेसर गोयल का नार्को-एनालिसिस परीक्षण कराने का अनुरोध किया, लेकिन अस्थमा की बीमारी के कारण चिकित्सकीय रूप से अयोग्य घोषित किए जाने पर यह परीक्षण नहीं किया जा सका।
पुलिस ने दिल्ली के रोहिणी स्थित राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय में प्रोफेसर गोयल का ‘ब्रेन मैपिंग’ परीक्षण कराया।
‘ब्रेन मैपिंग’ या ‘ब्रेन फिंगरप्रिंटिंग परीक्षण’ एक फॉरेंसिक तकनीक है, जिसका इस्तेमाल मस्तिष्कीय तरंगों के विशिष्ट पैटर्न का विश्लेषण करके यह पता लगाने के लिए किया जाता है कि क्या कोई व्यक्ति अपराध में प्रत्यक्ष रूप से शामिल था या उसने उसका प्रत्यक्ष अनुभव किया था।
पुलिस ने कहा कि ‘ब्रेन मैपिंग’ के नतीजों से संकेत मिलता है कि प्रोफेसर गोयल को अपराध से संबंधित प्रत्यक्ष अनुभव था।
अधिकारियों ने बताया कि इस आकलन के आधार पर, पुलिस ने निष्कर्ष निकाला कि प्रोफेसर गोयल इस मामले में एक महत्वपूर्ण संदिग्ध व्यक्ति हैं, जिन्हें हिरासत में लिया जाना आवश्यक है।
भाषा संतोष