भाजपा सांसद ने ‘वंदे मातरम्’ के इतिहास को लेकर कांग्रेस को चुनौती दी
अविनाश सुरेश
- 09 Dec 2025, 10:36 PM
- Updated: 10:36 PM
नयी दिल्ली, नौ दिसंबर (भाषा) 'वंदे मातरम्' की रचना की 150वीं वर्षगांठ पर राज्यसभा में मंगलवार को हुई चर्चा के दौरान भाजपा और कांग्रेस सदस्यों के बीच तीखी बहस हुई। भाजपा सदस्य राधामोहन दास अग्रवाल ने राष्ट्र गीत से जुड़े ऐतिहासिक दावों को लेकर कांग्रेस सदस्य जयराम रमेश को उन्हें गलत साबित करने की चुनौती दी।
भाजपा सदस्य ने आरोप लगाया कि पंडित विष्णु दिगंबर पलुस्कर को कांग्रेस के 1923 के काकीनाडा अधिवेशन में ‘वंदे मातरम्’ गाते समय रोकने की कोशिश की गयी थी और तत्कालीन पार्टी अध्यक्ष मौलाना मोहम्मद अली ने उनके गायन पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा कि पलुस्कर ने पूरा गीत गाकर विरोध जताया था।
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने बाद में अली के नाम पर एक सड़क का नाम रखा और काकीनाडा नगर निगम ने बाद में मोहम्मद अली जौहर मार्ग का नाम बदलकर वंदे मातरम् मार्ग कर दिया।
कांग्रेस सदस्य रमेश ने उनके दावों को गलत बताया। इस पर भाजपा सदस्य दास ने कहा, ‘‘अगर मैं गलत हूं तो मैं अपनी सदस्यता छोड़ दूंगा...।’’
भाजपा सदस्य ने संविधान सभा में राजेंद्र प्रसाद के एक भाषण का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि प्रसाद ने संकेत दिया था कि चूंकि राष्ट्रगीत पर चर्चा लंबित है, इसलिए भविष्य की सरकारें जरूरत पड़ने पर ‘‘जन गण मन’’ को राष्ट्रगान के रूप में बदल सकती हैं।
उन्होंने दावा किया, ‘‘कांग्रेस ने संविधान सभा में वंदे मातरम् पर चर्चा नहीं की।’’
अग्रवाल ने संविधान सभा में कांग्रेस सदस्य सेठ गोविंद दास का भी जिक्र किया, जिन्होंने कथित तौर पर कहा था कि रवींद्रनाथ टैगोर ने 1911 में किंग जॉर्ज पंचम की भारत यात्रा के दौरान उनकी प्रशंसा में 'जन गण मन' की रचना की थी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने आज़ादी के बाद गोविंद दास को तीन बार टिकट दिए और 1961 में उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया।
भाजपा सदस्य ने 1971 के राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने जानबूझकर राष्ट्रगान का विरोध करने पर तीन साल की जेल की सजा का प्रावधान किया था, लेकिन राष्ट्र गीत का कोई ज़िक्र नहीं किया। उन्होंने कहा कि उनके कृत्य ‘कुटिल’ थे।
उन्होंने आसन से आग्रह किया कि वह इस बात की जांच कराएं कि 26 नवंबर, 2025 को सेंट्रल हॉल में संविधान दिवस समारोह के दौरान किस नेता ने ‘वंदे मातरम्’ नहीं गाया था।
भाषा अविनाश