जजपा नेता नैना चौटाला के काफिले पर जींद के पास पथराव, छह लोग घायल
माधव
- 10 May 2024, 10:27 PM
- Updated: 10:27 PM
जींद/चंडीगढ़, 10 मई (भाषा) जजपा की मौजूदा विधायक और हिसार लोकसभा सीट से पार्टी की उम्मीदवार नैना चौटाला के काफिले पर जींद जिले के रोजखेड़ा गांव में कुछ लोगों ने कथित तौर पर हमला किया जिसमें छह लोग घायल हो गए। पार्टी नेताओं ने यह जानकारी दी।
जननायक जनता पार्टी (जजपा) के नेता दिग्विजय चौटाला ने एक वीडियो संदेश में दावा किया कि उपद्रवियों की पहचान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के रूप में की गई है।
जब यह घटना हुई तब काफिला जींद के उचाना की ओर जा रहा था। इस घटना में नैना चौटाला को तो कोई चोट नहीं आई, लेकिन छह अन्य लोग घायल हो गए।
कांग्रेस नेता बी बी बत्रा, जो एक अन्य मुद्दे पर चंडीगढ़ में संवाददाताओं से बात कर रहे थे, ने इस बात से इनकार किया कि इस घटना में कोई कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल थे।
जींद के एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि मामले की जांच जारी है। दिग्विजय ने कहा, ‘‘मुझे खबर मिली है कि मेरी मां और जजपा नेता नैना चौटाला के काफिले पर कुछ उपद्रवियों ने हमला करने के दौरान पथराव किया जिसमें उनके कुछ स्टाफ सदस्य और हमारे कार्यकर्ता घायल हो गए।’’ दिग्विजय ने कहा कि पथराव करने वाले पास के गांव से से पहुंचे थे।
उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने काफिले का पीछा किया, उपद्रव किया और मेरी मां के साथ आई कुछ महिला कार्यकर्ताओं को धक्का दिया गया। एक महिला कार्यकर्ता का हाथ टूट गया और उसके कपड़े फट गए।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि, ‘‘इन लोगों की पहचान कर ली गई है। वे कांग्रेस कार्यकर्ता और पूर्व सांसद जय प्रकाश के समर्थक हैं। जय प्रकाश हिसार लोकसभा सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार हैं।
जजपा नेता और हरियाणा के पूर्व उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि उनकी मां उचाना में एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रही थीं। दुष्यंत ने कहा, ‘‘खुद को किसान नेता बताने वाले कुछ युवाओं ने काफिले का पीछा किया... रोजखेड़ा गांव में उन्होंने उपद्रव किया। दो महिलाओं सहित हमारे छह कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई, जिसमें उन्हें चोटें आईं।’’
दुष्यंत ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘पथराव भी किया गया जिससे एक वाहन क्षतिग्रस्त हो गया।’’ दुष्यंत ने कहा कि उन्होंने जींद के पुलिस अधीक्षक से बात की और मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के किसान नेताओं से यह भी पूछा कि क्या उपद्रवी उनके किसी संगठन के थे।
भाषा सं. संतोष माधव
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