सीसीई निर्धारित समय पर ही आयोजित की जाएगी: जेकेपीएससी अध्यक्ष
शुभम राखी रंजन
- 06 Dec 2025, 11:41 PM
- Updated: 11:41 PM
श्रीनगर, छह दिसंबर (भाषा) जेकेपीएससी ने शनिवार को घोषणा की कि संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा (सीसीई) निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही होगी। हालांकि आयु में छूट की मांग और परीक्षा स्थगित करने की मांग को लेकर लोकभवन और उमर अब्दुल्ला सरकार के बीच तनाव जारी है।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इससे पहले जम्मू-कश्मीर लोक सेवा आयोग (जेकेपीएससी) से रविवार को निर्धारित संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा (सीसीई) को स्थगित करने पर विचार करने का आग्रह किया था। उन्होंने कहा था कि उड़ानों के रद्द होने और अभ्यर्थियों के लिए आयु–सीमा में छूट को लेकर लोक भवन से "अनुमोदन में देरी’’ के कारण पैदा हुई "अनिश्चितता’’ को देखते हुए परीक्षा टालना आवश्यक है।
हालांकि उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि उन्होंने उसी दिन फाइल लौटा दी थी और उनसे पूछा था कि यदि ऊपरी आयु सीमा में छूट दी जाती है तो निर्धारित तिथि पर परीक्षा आयोजित करने की संभावना क्या है।
जेकेपीएससी के अध्यक्ष ए के चौधरी ने शनिवार शाम को एक संक्षिप्त बयान में 'पीटीआई भाषा' को बताया, "सीसीई तय समय पर ही आयोजित की जाएगी।"
हालांकि, उन्होंने इस विषय पर और कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
आयु सीमा में छूट को लेकर जारी बहस ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। निर्वाचित सरकार, राजनीतिक दल और अभ्यर्थी परीक्षा स्थगित करने की मांग कर रहे हैं, जबकि लोक भवन का कहना है कि वह निर्णय में कोई देरी नहीं कर रहा है।
स्थिति को असाधारण बताते हुए मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने जेकेपीएससी के अध्यक्ष को लिखे पत्र में कहा कि हवाई सेवाओं में जारी व्यवधान के कारण पूरे क्षेत्र में यात्रा संबंधी व्यापक अराजकता पैदा हो गई है और यह "आयु में छूट के प्रस्ताव में देरी के कारण उत्पन्न अनिश्चितता से और भी जटिल हो गई है।"
उपराज्यपाल कार्यालय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘जेकेपीएससी परीक्षा के संबंध में सोशल मीडिया पोस्ट भ्रामक हैं। लोक भवन को दो दिसंबर को फाइल मिली थी, जो स्पष्ट रूप से केवल आयु में छूट से संबंधित थी। उसी दिन (दो दिसंबर) को फाइल वापस कर दी गई, जिसमें पूछा गया था कि क्या इतनी देरी से पात्रता मानदंडों में संशोधन करके सात दिसंबर को परीक्षा आयोजित करना तार्किक रूप से संभव है।’’
सिन्हा ने कहा कि चार दिन बीत जाने के बावजूद लोकभवन को कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा, ‘‘युवा उम्मीदवारों के साथ मेरी पूरी सहानुभूति है।’’
पोस्ट में कहा गया है कि परीक्षा के लिए विज्ञापन नोटिस जेकेपीएससी द्वारा 22 अगस्त को प्रकाशित किया गया था। परीक्षा सात दिसंबर को आयोजित होने वाली थी, जबकि छह नवंबर को एक नोटिस जारी किया गया था।
इससे पहले दिन में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जेकेपीएससी से आग्रह किया कि वह अभ्यर्थियों के लिए आयु में छूट को मंजूरी देने में लोक भवन की ‘देरी’ के कारण उत्पन्न ‘अनिश्चितता’ के मद्देनजर सीसीई को स्थगित करने पर विचार करे।
मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘निर्वाचित सरकार भर्ती के लिए ऊपरी आयु सीमा में ढील देने के पक्ष में है और हमने इस संबंध में फाइल लोक भवन भेज दी है। प्रक्रिया पूरी होने तक जेकेपीएससी को परीक्षा स्थगित कर देनी चाहिए।’’
उन्होंने बताया कि अब्दुल्ला सरकार ने इस सप्ताह की शुरुआत में आयु में छूट की फाइल उपराज्यपाल को भेज दी थी।
वानी ने कहा, ‘‘फाइल कुछ प्रश्नों के साथ सामान्य प्रशासन विभाग को लौटा दी गई है। सामान्य प्रशासन विभाग ने मामले पर राय के लिए इसे लोक सेवा आयोग को भेज दिया है।’’
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री दोनों से इस मुद्दे को शीघ्र सुलझाने का आग्रह किया है।
मुफ्ती ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘जेकेपीएससी सीसीई के अभ्यर्थी उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री के बीच खींचतान में फंस गए हैं। इस कड़ाके की ठंड में वे उम्र में छूट और एक उचित परीक्षा कार्यक्रम के अलावा कुछ नहीं मांगते हुए सड़कों पर हैं। मैं उपराज्यपाल कार्यालय और उमर अब्दुल्ला से आग्रह करती हूं कि वे बिना किसी देरी के इस मुद्दे को हल करने के लिए आगे आएं।’’
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता और कुलगाम से विधायक एम. वाई. तारिगामी ने रविवार को परीक्षा आयोजित करने पर चिंता व्यक्त की।
तारिगामी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘जेकेएएस उम्मीदवारों के लिए ऊपरी आयु सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव राजभवन (लोक भवन) को मंजूरी के लिए भेज दिया गया है, जबकि परीक्षा कल से शुरू होने वाली है। ऐसे महत्वपूर्ण निर्णय के लंबित रहने के दौरान परीक्षा आयोजित करना अभ्यर्थियों के लिए स्पष्ट रूप से नुकसानदेह है।’’
भाषा
शुभम राखी