उपराज्यपाल ने तिहाड़ जेल में गौशाला का उद्घाटन किया
आशीष अविनाश
- 19 Nov 2025, 10:20 PM
- Updated: 10:20 PM
नयी दिल्ली, 19 नवंबर (भाषा) दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने बुधवार को तिहाड़ जेल परिसर में एक नयी गौशाला और तीन सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी पहल का उद्घाटन किया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
तिहाड़ जेल प्रशासन ने एक बयान में कहा कि दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद और दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में आयोजित यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के व्यापक दृष्टिकोण के तहत परंपरा और आधुनिक सुधार के मिश्रण की दिशा में एक कदम है।
इस अवसर पर उपराज्यपाल सक्सेना ने कहा कि तिहाड़ गौशाला और तिहाड़ बेकरी कैदियों के सुधार और पुनर्वास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में योगदान देगा।
सूद ने कहा कि यह केवल एक प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ सामाजिक दायित्वों को आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
उन्होंने कहा कि अकेलेपन से जूझ रहे कैदियों के लिए गौ-चिकित्सा आशा की एक नयी किरण है। सूद ने कहा कि यह एक मनोवैज्ञानिक पद्धति है जो अकेलेपन को दूर करने में मदद कर सकती है।
दिल्ली के मंत्री ने कहा कि 1 जनवरी से 19 जनवरी, 2025 के बीच, दिल्ली पुलिस को आवारा और लावारिस मवेशियों से जुड़ी 25,000 शिकायतें मिलीं। मौजूदा गौशालाओं की कुल क्षमता 19,800 है, जबकि वर्तमान में 21,800 से ज़्यादा पशु आश्रय में हैं।
उन्होंने कहा कि तिहाड़ जेल में यह नयी पहल, जहां वर्तमान में 10 गायों को आश्रय दिया गया है, भले ही एक छोटी सी शुरुआत लगे, लेकिन यह दूरदर्शी कदम है।
सूद ने तिहाड़ जेल बेकरी के उत्पादों के बारे में कहा कि तिहाड़ जेल में उत्पादित वस्तुएं उत्कृष्ट गुणवत्ता की हैं और वह दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से अनुरोध करेंगे कि मंत्रिमंडल के समक्ष एक प्रस्ताव लाया जाए ताकि दिल्ली सरकार के सभी कार्यालयों में तिहाड़ बेकरी के उत्पादों के उपयोग की अनुमति मिल सके।
उपराज्यपाल ने तिहाड़ के बेकिंग स्कूल का डिजिटल एकीकरण भी शुरू किया, जिससे उसके उत्पादों को ओएनडीसी नेटवर्क और ‘माई स्टोर प्लेटफॉर्म’ के माध्यम से ऑनलाइन बेचा जा सकेगा। तीसरी पहल, रसद प्रबंधन प्रणाली, खाद्य आपूर्ति और दवाओं जैसी आवश्यक वस्तुओं की निगरानी और खरीद को सुव्यवस्थित करेगी।
भाषा आशीष