अब तक करीब 80 लाख ई-पासपोर्ट जारी; फर्जी आवेदनों पर रोक लगाने के लिए प्रणाली में सुधार
आशीष नरेश
- 18 Nov 2025, 07:44 PM
- Updated: 07:44 PM
नयी दिल्ली, 18 नवंबर (भाषा) पासपोर्ट संबंधी प्रणाली में बड़े स्तर पर सुधार करते हुए सरकार ने अगली पीढ़ी का "ई-पासपोर्ट" पेश किया है, जिसमें कागज और इलेक्ट्रॉनिक दोनों तत्व शामिल हैं। इस कदम का उद्देश्य जालसाजी, नकल और अन्य धोखाधड़ी वाले कृत्यों का पता लगाना और उन पर रोक लगाना भी है।
विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि पुराने पासपोर्ट, जिनकी वैधता अवधि समाप्त नहीं हुई है, 2035 तक या उनकी वैधता अवधि समाप्त होने तक वैध बने रहेंगे।
विदेश मंत्रालय ने हाल में अपने प्रमुख पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम (पीएसपी) के उन्नत संस्करण के सफल क्रियान्वयन की घोषणा की है, जिसमें भारत में रहने वाले नागरिकों और विदेश में रहने वाले लोगों के लिए पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम (पीएसपी वी2.0), वैश्विक पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम (जीपीएसपी वी2.0) और ई-पासपोर्ट शामिल हैं।
अधिकारियों ने बताया कि ई-पासपोर्ट एक हाइब्रिड पासपोर्ट है जिसमें कागज़ और इलेक्ट्रॉनिक दोनों तत्व शामिल हैं। इसमें एक एम्बेडेड रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) चिप और एक एंटीना है, जो धारक के डेटा को अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (आईसीएओ) के मानकों के अनुसार एकत्रित और सुरक्षित रखता है।
उन्होंने बताया कि पासपोर्ट की महत्वपूर्ण जानकारी उसके डेटा पेज पर मुद्रित होने के साथ-साथ चिप में भी सुरक्षित होती है, जिससे इसे जालसाजी करना मुश्किल हो जाता है।
ई-पासपोर्ट का पायलट परीक्षण 2024 में भुवनेश्वर और नागपुर के क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालयों में शुरू होगा। सफल परीक्षण और अपेक्षित प्रमाणपत्रों के बाद, इसे चरणबद्ध तरीके से भारत भर के शेष क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालयों में लागू किया गया और मई 2025 में पूरा किया गया।
विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "इस सेवा की शुरुआत से लेकर अब तक भारत में लगभग 80 लाख ई-पासपोर्ट जारी किए जा चुके हैं। जून 2025 से अब तक लगभग 62,000 ई-पासपोर्ट विदेशों में भारतीय मिशन और पोस्ट के माध्यम से जारी किए जा चुके हैं।"
ई-पासपोर्ट की एम्बेडेड चिप में उपलब्ध डेटा "केवल पढ़ने के लिए" होता है और जब इसे हवाई अड्डे पर आव्रजन प्रक्रिया के दौरान उपयोग किए जाने वाले प्लेटफॉर्म पर टैप किया जाता है, तो सिस्टम द्वारा इसे एक्सेस कर लिया जाता है।
भाषा आशीष