कांग्रेस ने एसआईआर वाले 12 राज्यों के शीर्ष पदाधिकारियों की मंगलवार को बैठक बुलाई
हक माधव दिलीप
- 17 Nov 2025, 10:38 PM
- Updated: 10:38 PM
नयी दिल्ली, 17 नवंबर (भाषा) कांग्रेस ने बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार और "वोट चोरी" के मुद्दे के बीच मंगलवार को उन 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रभारियों, राज्य इकाई प्रमुखों, कांग्रेस विधायक दल के नेताओं और सचिवों की समीक्षा बैठक बुलाई है, जहां मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की कवायद जारी है।
बिहार विधानसभा चुनाव के शुक्रवार को आए नतीजे में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने 202 सीट पर जीत दर्ज की, जबकि महागठबंधन को 35 सीट से संतोष करना पड़ा। महागठबंधन में कांग्रेस, राजद, तीन वाम दल और वीआईपी घटक दल हैं।
कांग्रेस ने राहुल गांधी और पार्टी प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे सहित पार्टी के शीर्ष नेताओं की शनिवार को नतीजों की समीक्षा के लिए हुई बैठक में निर्वाचन आयोग (ईसी) की भूमिका पर सवाल उठाया था।
पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि इन 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) प्रभारियों, प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रमुखों, कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के नेताओं और सचिवों की समीक्षा बैठक 18 नवंबर को इंदिरा भवन में होगी।
निर्वाचन आयोग ने सोमवार को बताया कि नौ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 51 करोड़ मतदाताओं में से 50 करोड़ से ज़्यादा मतदाताओं को मतदाता सूची की चल रही एसआईआर प्रकिया के तहत गणना प्रपत्र प्राप्त हो चुके हैं।
अपने दैनिक एसआईआर बुलेटिन में आयोग ने कहा कि 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 50.11 करोड़ गणना प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं। दूसरे शब्दों में, 50.99 करोड़ मतदाताओं में से 98.32 प्रतिशत को आंशिक रूप से भरे हुए प्रपत्र प्राप्त हुए हैं।
ये राज्य और केंद्र शासित प्रदेश छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, और लक्षद्वीप हैं।
इनमें तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और पश्चिम बंगाल में 2026 में विधानसभा चुनाव होना है।
असम में भी अगले साल विधानसभा चुनाव होना है। आयोग ने पूर्वोत्तर के इस राज्य के लिए "विशेष पुनरीक्षण" की घोषणा की है।
भाषा हक माधव