सिलीगुड़ी और हावड़ा में बीएलओ ने निर्वाचन आयोग संबंधी काम के दबाव को लेकर प्रदर्शन किया
राजकुमार माधव
- 15 Nov 2025, 07:00 PM
- Updated: 07:00 PM
कोलकाता, 15 नवंबर (भाषा) पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी और हावड़ा में कई प्रखंड स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) ने शनिवार को विरोध प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग (ईसी) उन पर अत्यधिक और अनुचित काम का दबाव डाल रहा है, जिसमें देर रात निर्देश और डिजिटल डेटा प्रविष्टि के अचानक आने वाले आदेश शामिल हैं।
सिलीगुड़ी के दीनबंधु मंच प्रशिक्षण केंद्र में विरोध प्रदर्शन उस समय अराजक हो गया, जब कई बीएलओ नारे लगाते हुए मौजूदा डिजिटल ‘डाटा-एंट्री’ प्रशिक्षण सत्र से बाहर चले गए।
प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि निर्वाचन आयोग ने उन्हें ‘अचानक’ डिजिटल ‘डेटा एंट्री’ का काम अपनाने और तुरंत प्रशिक्षण लेने का निर्देश दिया है, जो उनके अनुसार इतने कम समय में संभव नहीं था।
कई लोगों ने आरोप लगाया कि दिन-ब-दिन नई जिम्मेदारियां जुड़ती जा रही हैं, जिससे काम का बोझ संभालना मुश्किल होता जा रहा है।
कुछ लोगों ने दावा किया कि उन्हें आयोग से ‘देर रात तक’ फोन आ रहे हैं, जिससे उनकी निजी जिंदगी में व्यवधान आ रहा है।
हावड़ा में भी इसी तरह के विरोध प्रदर्शन की खबरें आईं।
शुक्रवार को, शिबपुर विधानसभा क्षेत्र के 240 बीएलओ को टिकियापाड़ा में ईस्ट-वेस्ट बाईपास स्थित एक सरकारी कार्यालय में ‘डेटा-एंट्री’ प्रशिक्षण लेना था।
उन्होंने शिकायत की कि उन्हें दो बार डेटा दर्ज करने के लिए कहा जा रहा है, एक बार ‘मैन्युअल’ रूप से और फिर ‘डिजिटल’ रूप से। उनका यह भी कहना था कि इसके अलावा उन्हें बहुत कम समय में निर्वाचन आयोग को जमा करने वाले भारी मात्रा में फॉर्म भी संभालने पड़ रहे हैं।
बीएलओ ने यह भी आरोप लगाया कि कई पुराने अधिकारी तकनीक से अनभिज्ञ हैं और बदलाव के साथ तारतम्य बिठाने की उन्हें मशक्कत करनी पड़ रही है।
एक शिक्षिका और प्रदर्शनकारी बीएलओ, सहेली नस्कर ने कहा, ‘‘हमें स्कूल में कक्षाएं लेनी पड़ती हैं और फिर दबाव में आकर ईसी का काम जल्दी-जल्दी निपटाना पड़ता है। हम इतना बोझ नहीं उठा सकते। अब वे हमें डिजिटल डेटा-एंट्री का प्रशिक्षण लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं। हम इतने दबाव में डिजिटल डेटा एंट्री नहीं करेंगे। हम इस काम का बहिष्कार कर रहे हैं।’’
बंगाल में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत घर-घर जाकर गणना प्रपत्र (ईएफ) वितरित करने के लिए 80,000 से अधिक बी.एल.ओ. को लगाया गया है।
भाषा
राजकुमार