कांग्रेस को पसंद नहीं कि उसके नेता नेहरू-गांधी परिवार के बाहर किसी की तारीफ करें: केरल भाजपा प्रमुख
आशीष अविनाश
- 10 Nov 2025, 08:14 PM
- Updated: 08:14 PM
तिरुवनंतपुरम, 10 नवंबर (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की केरल इकाई के प्रमुख राजीव चंद्रशेखर ने शशि थरूर का समर्थन करते हुए सोमवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस को यह पसंद नहीं है कि उसके नेता नेहरू-गांधी परिवार के बाहर किसी की प्रशंसा करें।
भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की प्रशंसा करने के लिए कांग्रेस नेता थरूर को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है।
चंद्रशेखर ने कहा कि भाजपा को देश की सेवा करने वाले किसी भी नेता का सम्मान करने, उनकी सराहना करने में कोई हिचकिचाहट नहीं है, चाहे उनकी राजनीतिक संबद्धता कुछ भी हो।
चंद्रशेखर कांग्रेस नेता थरूर के बारे में संवाददाताओं के सवालों का जवाब दे रहे थे, जो हाल में आडवाणी की प्रशंसा करने के कारण आलोचनाओं के घेरे में आ गए। आडवाणी आठ नवंबर को 98 वर्ष के हो गए।
भाजपा की केरल इकाई के प्रमुख ने कहा कि थरूर की टिप्पणी पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया "उम्मीद के मुताबिक" थी। चंद्रशेखर ने ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा, "अगर थरूर प्रियंका गांधी, उनके बेटे या बेटी या सोनिया गांधी के इतालवी रिश्तेदारों की प्रशंसा करते रहेंगे, तो कांग्रेस उनकी तारीफ़ों के पुल बांधेगी।"
तिरुवनंतपुरम के सांसद थरूर को समर्थन देते हुए चंद्रशेखर ने कहा कि कांग्रेस नेता ने "भारत के राजनीतिक इतिहास के सबसे बड़े नेताओं में से एक" की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, "आडवाणी हर भारतीय द्वारा सराहे जाने, सलाम किए जाने और सम्मान के हकदार हैं।"
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं का सम्मान करना या उनके योगदान को स्वीकार करना पसंद नहीं करती।
चंद्रशेखर ने कहा, "दूसरी ओर, भाजपा को सरदार वल्लभभाई पटेल और सुभाष चंद्र बोस जैसे देश की सेवा करने वाले सभी नेताओं का सम्मान करने, उनके योगदान को सराहे जाने में कोई हिचकिचाहट नहीं है।"
थरूर ने कहा था कि भाजपा के वरिष्ठ नेता आडवाणी के लंबे सार्वजनिक जीवन और सेवा को एक घटना तक सीमित करना अनुचित है। थरूर ने यह भी कहा कि जब जवाहरलाल नेहरू के पूरे राजनीतिक जीवन का आकलन चीन संबंधी झटके से नहीं किया जा सकता और इंदिरा गांधी का आकलन केवल आपातकाल से नहीं किया जा सकता, तो उनका मानना है कि ‘‘हमें आडवाणी जी के प्रति भी यही विनम्रता दिखानी चाहिए।’’
भाषा आशीष