बंधक के अवशेष मिलने के बाद इजराइल ने 15 फलस्तीनियों के शव लौटाए
एपी आशीष वैभव
- 08 Nov 2025, 08:58 PM
- Updated: 08:58 PM
खान यूनिस (गाजा पट्टी), आठ नवंबर (एपी) गाजा के अस्पताल अधिकारियों ने बताया कि उन्हें युद्ध विराम समझौते के तहत इजराइल की ओर से सौंपे गए 15 फलस्तीनियों के शव मिल गए हैं।
एक दिन पहले हमास ने बंधक बनाए गए एक व्यक्ति का शव इजराइल को लौटा दिया था। युद्ध विराम समझौते के तहत, इजराइल ने प्रत्येक इजराइली बंधक के बदले 15 फलस्तीनियों के शव सौंपे हैं।
हमास द्वारा एक और व्यक्ति का शव सौंपा जाना अमेरिका की मध्यस्थता से हुए युद्धविराम समझौते के क्रियान्वयन की दिशा में एक और कदम है।
अधिकारियों ने बताया कि शव शनिवार को खान यूनिस स्थित नासिर अस्पताल लाए गए।
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय से जारी एक बयान के अनुसार, बंधक के शव की पहचान लियोर रुडेफ के रूप में हुई है।
‘होस्टेजेस एंड मिसिंग फैमिलीज फोरम’ ने बताया कि रुडेफ का जन्म अर्जेंटीना में हुआ था और वह बचपन में दक्षिणी इजराइल आ गया था। फोरम ने बताया कि हमास के हमले में रुडेफ की मौत हो गई थी जिसके बाद उसका शव गाजा ले जाया गया था।
युद्धविराम समझौता 10 अक्टूबर को लागू होने के बाद से फलस्तीनी चरमपंथियों ने रुडेफ के शव सहित 23 बंधकों के शव सौंप दिए हैं और पांच बंधक अब भी गाजा में हैं।
शनिवार को लौटाए गए शवों को मिलाकर, इजराइल ने 300 फ़लस्तीनियों के शव सौंप दिए हैं।
गाज़ा में स्वास्थ्य अधिकारियों को डीएनए किट उपलब्ध न होने के कारण शवों की पहचान करने में काफ़ी दिक्कतें हो रही हैं। उन्होंने अब तक 84 शवों की पहचान कर ली है।
युद्धविराम की शर्तों के तहत, इजराइल को गाजा में काफ़ी ज़्यादा राहत सामग्री पहुंचाने की अनुमति देनी होगी।
संयुक्त राष्ट्र के उप प्रवक्ता फ़रहान हक़ के अनुसार, इस समझौते के तहत राहत कार्य अभी भी गाज़ा में ज़रूरत से काफी कम हैं। उन्होंने बताया कि गाजा में 2,00,000 मीट्रिक टन से ज़्यादा राहत सामग्री पहुंचाने की योजना है, लेकिन अभी तक केवल 37,000 टन ही पहुंचाई जा सकी है।
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक इजराइल और हमास के बीच युद्ध में अब तक 69,000 से अधिक फलस्तीनी मारे जा चुके हैं।
इस बीच, फलस्तीनी के स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि पश्चिमी तट पर इजराइली प्रवासियों द्वारा किए गए हमले में 11 लोग घायल हो गए। फलस्तीनी अधिकारियों ने बताया कि मध्य शहर बेइता में हमले में घायल लोगों में पत्रकार, स्वयंसेवक और किसान शामिल हैं। घायलों में ‘रॉयटर्स’ का एक फलस्तीनी फ़ोटोग्राफ़र भी शामिल है।
एपी आशीष