उत्तराखंड विधानसभा के विशेष सत्र में राज्य के भविष्य के रोडमैप पर चर्चा होगी : मुख्यमंत्री धामी
दीप्ति शफीक
- 01 Nov 2025, 07:48 PM
- Updated: 07:48 PM
देहरादून, एक नवंबर (भाषा) मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को कहा कि उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती पर आयोजित किए जा रहे विधानसभा के विशेष सत्र में अगले 25 वर्ष में राज्य के भविष्य के रोडमैप पर चर्चा की जाएगी।
तीन और चार नवंबर को होने वाले विधानसभा के दो दिवसीय विशेष सत्र को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू संबोधित करेंगी। नौ नवंबर को राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं।
एक नंवबर से 11 नवंबर तक प्रदेश भर में मनाए जाने वाले रजत जयंती उत्सव की शुरूआत के मौके पर संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देवोत्थान एकादशी और इगास का पावन पर्व है और आज से लेकर 11 दिनों तक की इस अवधि में अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे जिसमें राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी शामिल होंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘25 वर्षों की हमारी जो यात्रा है, जो रोडमैप है, उसे आगे बढ़ाने के लिए हमने राज्य विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का भी निर्णय लिया है। यह हमारे लिए बहुत खुशी की बात है कि इस विशेष सत्र में तीन नवंबर को राष्ट्रपति हमें संबोधित करेंगी।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सत्र के दौरान राज्य के भविष्य की दिशा और दशा पर चर्चा की जाएगी।
उन्होंने कहा, ‘‘यह कोई कामकाजी सत्र नहीं है बल्कि इसमें सुझावों और अब तक के अनुभवों तथा राज्य को किस प्रकार से आगे ले जाना है, उन पर सार्थक चर्चा होगी।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि नौ तारीख को होने वाले समारोह में राज्यवासियों को प्रधानमंत्री का सान्निध्य भी प्राप्त होगा।
धामी ने कहा, ‘‘उनका (मोदी) हमारे प्रदेश के साथ विशेष लगाव है। मुझे यह कहते हुए अच्छा लग रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी जी के ह्रदय में उत्तराखंड बसता है और हरेक उत्तराखंडवासी के ह्रदय में आदरणीय प्रधानमंत्री बसते हैं।’’
धामी ने रजत जयंती के अवसर पर दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का भी स्मरण किया जिनके कार्यकाल में उत्तराखंड राज्य का गठन हुआ था। उन्होंने राज्य के गठन के लिए संघर्ष करने वाले आंदोलनकारियों को भी याद किया।
धामी ने कहा कि इस वर्ष आपदाओं में राज्य में जान-माल का भारी नुकसान हुआ है और उन्होंने आज सुबह आपदा से बुरी तरह प्रभावित हुए रुद्रप्रयाग जिले के छेनागाड़ का दौरा किया था।
भाषा दीप्ति