इजराइल ने गाजा शहर पर हमले तेज किए, अस्पताल ने 32 लोगों को मारे जाने की जानकारी दी
एपी संतोष माधव
- 13 Sep 2025, 05:30 PM
- Updated: 05:30 PM
दीर अल-बलाह (गाजा पट्टी), 13 सितंबर (एपी) इजराइल ने गाजा शहर में अपने हमले तेज कर दिए हैं और उसके हवाई हमलों में कम से कम 32 लोगों की मौत हुई है। चिकित्सा कर्मचारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी और कहा कि फलस्तीनियों से गाजा शहर खाली करने की अपील की गई है।
शिफा अस्पताल में स्थित मुर्दाघर के अनुसार, मृतकों में 12 बच्चे शामिल हैं। इजराइल ने हाल के दिनों में गाजा शहर में हमले तेज कर दिए हैं, कई ऊंची इमारतों को नष्ट कर दिया है और हमास पर उनमें निगरानी उपकरण लगाने का आरोप लगाया है।
इसने निवासियों को शहर छोड़ने का आदेश दिया है, जो सबसे बड़े फलस्तीनी शहर पर कब्जा करने के उद्देश्य से एक हमले का हिस्सा है। इजराइल इसे हमास का आखिरी गढ़ कहता है जहां लाखों लोग अब भी अकाल की स्थिति से जूझ रहे हैं।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि रात भर और शनिवार तड़के किए गए हमलों में से एक ने शेख रदवान के पड़ोस में स्थित एक घर को निशाना बनाया, जिसमें एक महिला और उसके तीन बच्चों सहित 10 लोगों के परिवार की मौत हो गई। तस्वीरों में हमलों के बाद धुएं का गुबार उठता दिखाई दे रहा है।
इजराइली सेना ने हमलों के बारे में पूछे गए सवालों का तुरंत जवाब नहीं दिया है। सहायताकर्मियों के अनुसार, बढ़ती शत्रुता और शहर खाली करने के आह्वान के मद्देनजर, हाल के हफ्तों में शहर छोड़ने वालों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है।
हालांकि, कई परिवार परिवहन और आवास संबंधी खर्च के कारण अब भी फंसे हुए हैं, जबकि कई लोग कई बार विस्थापित हो चुके हैं और अब दोबारा नहीं जाना चाहते, क्योंकि उन्हें भरोसा नहीं है कि इस इलाके में उनके लिए कहीं भी कोई सुरक्षित जगह है।
सोशल मीडिया पर शनिवार को एक संदेश में इजराइली सेना ने गाजा शहर में बचे हुए फलस्तीनियों से ‘तुरंत’ वहां से निकलकर दक्षिण की ओर उस क्षेत्र में जाने को कहा जिसे वह मानवीय क्षेत्र कह रही है।
सेना के प्रवक्ता अविचाय अद्राई ने कहा कि ढाई लाख से अधिक लोग गाजा शहर छोड़ चुके हैं।
गाजा शहर में शुक्रवार रात को की गई बमबारी, इजराइल द्वारा कतर में हमास नेताओं को निशाना बनाकर किए गए हमले के कुछ दिन बाद की गई है। इस हमले से आतंकवादी समूह के खिलाफ उसका अभियान तेज हो गया है और गाजा में युद्ध समाप्त करने के लिए जारी वार्ता खतरे में पड़ गई है।
एपी संतोष