तेदेपा का 2018 में राजग छोड़ना गलती नहीं थी: पूर्व केंद्रीय मंत्री अशोक गजपति राजू
शुभम वैभव
- 06 May 2024, 01:04 PM
- Updated: 01:04 PM
विशाखापत्तनम, छह मई (भाषा) तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व नागरिक उड्डयन मंत्री पी अशोक गजपति राजू ने कहा है कि 2018 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) छोड़ना कोई गलती नहीं थी।
उन्होंने कहा कि भाजपा कह रही है कि वह आंध्र प्रदेश के लिए कुछ करेगी इसलिए तेदेपा का फिर से गठबंधन (राजग) में शामिल होना उचित है।
विजयनगरम शाही परिवार के वंशज राजू ने कहा कि उन्होंने राजनीति से संन्यास नहीं लिया है, बल्कि स्वास्थ्य कारणों से केवल वर्तमान चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है।
उनकी बेटी अदिति विजयनगरम विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में हैं। उनका मुकाबला वर्तमान वाईएसआर कांग्रेस विधायक कोलागटला वीरभद्र स्वामी से है।
अदिति को कुछ हद तक विपरीत परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि तेदेपा की पूर्व विधायक मीसाला गीता निर्दलीय चुनाव लड़ रही हैं। मीसाला ने यह फैसला पूर्व मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली पार्टी द्वारा टिकट नहीं दिए जाने के बाद लिया है। राजू ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, "मुझे नहीं लगता कि यह (तेदेपा का 2018 में राजग छोड़ना) कोई गलती थी, क्योंकि उस समय जो हुआ था, कानून (एपी पुनर्गठन अधिनियम) में कुछ वादे कि गए थे, जिन पर ध्यान देने की जरूरत थी। कुछ प्रतिबद्धताएं पूरी की गईं और कुछ आंशिक रूप से पूरी की गईं। इसलिए शायद इसकी गति को लेकर हमारे अंदर थोड़ा धीरज कम था।''
मार्च 2018 में राजग छोड़ने के बाद तेदेपा ने आंध्र प्रदेश के लिए "विशेष श्रेणी का दर्जा" देने से इनकार करने पर लोकसभा में तत्कालीन केंद्र सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी पेश किया था।
छह साल बाद तेदेपा फिर से राजग के पाले में लौट आई है। उसका कहना है कि राजग केंद्र में सत्ता में आएगा तो राज्य को विकास के मामले में मदद मिलेगी।
राजू से जब यह पूछा गया कि उनकी पार्टी ने राजग में फिर से शामिल होने का फैसला क्यों किया तो उन्होंने कहा कि संप्रग सरकार 2014 में आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम लेकर आई थी, लेकिन वह इसे लागू नहीं कर सकी, जबकि भाजपा ने वादा किया कि वह राज्य के विकास के लिए सहयोग देगी।
उन्होंने राज्य की वाईएसआरसीपी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विशाखापत्तनम के लिए बनने वाले भोगापुरम हवाई अड्डे पर काम उतनी तेजी से नहीं चल रहा है, जितना होना चाहिए था।
भाषा
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