जलवायु परिवर्तन के कारण भारत में सर्पदंश के मामले बढ़ने की आशंका: शोध
जोहेब सुरेश
- 03 Sep 2025, 05:43 PM
- Updated: 05:43 PM
नयी दिल्ली, तीन सितंबर (भाषा) जलवायु परिवर्तन के कारण जहरीले सांपों के लिए भारत के उत्तर और पूर्वोत्तर भाग की ओर जाने और फैलने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बन सकती हैं, जिससे अब तक सांपों के लिए अनुपयुक्त माने जाने वाले इन क्षेत्रों में सर्पदंश के मामले बढ़ने की आशंका है। एक शोध में यह बात सामने आई है।
भारतीय उपमहाद्वीप में ‘बिग फोर’ के नाम से जाने जाने वाले चार जहरीले सांपों- कॉमन क्रेट, रसल्स वाइपर, एकिस कैरिनेटस और इंडियन कोबरा, सर्पदंश के अधिकतर मामलों के लिए जिम्मेदार हैं।
डिब्रू-सैखोवा संरक्षण सोसाइटी, असम कृषि विश्वविद्यालय और दक्षिण कोरिया के पुकयोंग राष्ट्रीय विश्ववविद्यालय के शोधकर्ताओं ने आशंका जताई है कि बढ़ती गर्मी और आर्द्रता समेत जलवायु परिवर्तन से जुड़े कुछ कारकों की वजह से हरियाणा, राजस्थान और असम में ‘बिग फोर’ सांपों के लिए उपयुक्त ठिकाने बढ़ सकते हैं।
शोधकर्ताओं की टीम ने कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में मानव-सांपों के बीच आमना-सामना बढ़ने से सार्वजनिक स्वास्थ्य और चिकित्सा प्रबंधन के लिए नयी चुनौतियां पेश हो सकती हैं।
‘पीएलओएस नेग्लेक्टेड ट्रॉपिकल डिजीजेज’ पत्रिका में प्रकाशित निष्कर्षों में कहा गया है कि इसके अलावा तापमान में निरंतर वृद्धि के कारण, मणिपुर, मेघालय, नगालैंड और अरुणाचल प्रदेश जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में सर्पदंश के मामलों में 100 प्रतिशत से अधिक की उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा सकती है, जहां वर्तमान में सांपों के लिए अनुकूल ठिकाने नहीं हैं।
शोधकर्ताओं ने भविष्य में विभिन्न जलवायु परिदृश्यों के बीच ‘बिग फोर’ सांपों की वर्तमान और भविष्य की भौगोलिक पहुंच को दर्शाने वाले मॉडलों का उपयोग किया। इसके अलावा उन्होंने अगले 50 वर्षों में भारतीय जिलों और राज्यों में सर्पदंश जोखिम सूचकांक विकसित करने के लिए क्षेत्रीय सामाजिक-आर्थिक और जन स्वास्थ्य आंकड़ों का भी उपयोग किया गया।
लेखकों ने लिखा है, ‘‘जोखिम सूचकांक में कई दक्षिण भारतीय राज्यों और जिलों की पहचान की गई है। इनमें कर्नाटक (चिक्काबल्लापुरा, हावेरी और चित्रदुर्ग समेत) और गुजरात (देवभूमि द्वारका और जामनगर) शामिल हैं, जो सर्पदंश के प्रति अत्यधिक संवेदनशील हैं।"
भाषा जोहेब