गोवा में रेल दोहरीकरण परियोजना को लेकर विवाद
यासिर माधव
- 01 Sep 2025, 09:34 PM
- Updated: 09:34 PM
पणजी, एक सितंबर (भाषा) होसपेट-वास्को रेल लाइन के दोहरीकरण से गोवा में विपक्ष की तीखी प्रतिक्रिया आई है और यहां इसने सरकार पर राज्य को कोयला हब में बदलने का प्रयास करके पारिस्थितिकी तथा लोगों के स्वास्थ्य को दांव पर लगाने का आरोप लगाया है।
मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने सोमवार को आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि इस कदम से मोरमुगाओ बंदरगाह पर कोयला संग्रहित क्षमता में वृद्धि नहीं होगी।
सावंत ने कहा, ‘‘विपक्ष इस तथ्य की अनदेखी कर रहा है कि लाइन दोहरीकरण से लौह अयस्क और इस्पात परिवहन के माध्यम से व्यापार के अवसर बढ़ेंगे।’’
उन्होंने कहा कि इस परियोजना से गोवा और कर्नाटक के हम्पी के बीच पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
रेलवे ने रविवार को अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि उसने 363 किलोमीटर लंबी होसपेट-हुबली-लोंडा-तिनैघाट-वास्को-डी-गामा लाइन के 312 किलोमीटर हिस्से का दोहरीकरण कार्य शुरू कर दिया है।
गोवा में विपक्षी दलों ने इस परियोजना की उपयोगिता पर यह बताते हुए सवाल उठाए कि वास्को को छोड़कर शेष क्षेत्र कर्नाटक में हैं।
विपक्ष के नेता यूरी अलेमाओ ने आरोप लगाया, ‘‘मोरमुगाओ (वास्को) के निवासी कोयला परिवहन के कारण परेशान हैं। लोगों के प्रतिरोध के बावजूद, यह ‘डबल इंजन’ सरकार लाइन के दोहरीकरण के माध्यम से कोयला परिवहन करने पर आमादा है।’’
रेलवे द्वारा सोशल मीडिया पर की काई पोस्ट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने स्वीकार किया है कि लाइन दोहरीकरण कोयले के परिवहन के लिए है।
उन्होंने कहा, ‘‘राज्य की भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) सरकार ने लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया है और पुलिस में शिकायत दर्ज कराकर उन्हें आंदोलन करने से रोकने की कोशिश की है - यह एक रणनीति और हथियार है - जिसका इस्तेमाल जनता की आवाज को दबाने के लिए किया गया है।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार गोवा को बर्बाद करने और यहां के लोगों के स्वास्थ्य को बर्बाद करने पर तुली हुई है।
गोवा प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष अमित पाटकर ने दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री (दिवंगत) मनोहर पर्रिकर ने लाइन दोहरीकरण परियोजना के खिलाफ बात की थी।
गोवा फॉरवर्ड पार्टी के प्रमुख विजय सरदेसाई ने कहा कि मोरमुगाओ पहले से ही कोयला प्रदूषण से तबाह है और अब भाजपा सरकार वेलसाओ से कोलेम तक हमारे गांवों को नष्ट करना चाहती है।
भाषा यासिर