अमृत 2.0 के तहत लंबित परियोजनाएं 31 मार्च तक पूरी की जाएं: फडणवीस
शुभम नेत्रपाल
- 22 Aug 2025, 09:12 PM
- Updated: 09:12 PM
मुंबई, 22 अगस्त (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को कहा कि शहरी क्षेत्रों में ‘अमृत 2.0’ मिशन के तहत जलापूर्ति और सीवरेज से संबंधित लंबित परियोजनाएं 31 मार्च 2026 तक पूरी हो जानी चाहिए।
यहां सह्याद्री अतिथिगृह में सामाजिक क्षेत्र के ‘वॉर रूम’ की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए फडणवीस ने सरकारी एजेंसियों को कल्याणकारी योजनाओं और अभियानों का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया ताकि वे नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में ठोस सुधार ला सकें।
उन्होंने कहा कि विभागों को सतर्क रहना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि राज्य, केन्द्र सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में पीछे न रहे।
फडणवीस ने कहा, ‘‘विभिन्न योजनाओं और पहल का उद्देश्य आम लोगों के जीवन स्तर को ऊपर उठाना है। प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करना और समाज में सकारात्मक बदलाव लाना विभागों की जिम्मेदारी है।’’
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि बैठक में राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे, लोक स्वास्थ्य राज्य मंत्री मेघना बोर्डिकर-साकोरे, मुख्य सचिव राजेश कुमार और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
अमृत 2.0 (अटल कायाकल्प और शहरी परिवर्तन मिशन) की समीक्षा करते हुए फडणवीस ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में जलापूर्ति, सीवरेज, हरित क्षेत्र और झील कायाकल्प से संबंधित लंबित परियोजनाओं को 31 मार्च 2026 तक ‘मिशन मोड’ में पूरा किया जाना चाहिए।
फडणवीस ने शुक्रवार को कहा कि ‘विकसित महाराष्ट्र 2047’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सामाजिक और आर्थिक प्रगति में महिलाओं की भागीदारी आवश्यक है।
राष्ट्रीय महिला आयोग और महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग द्वारा आयोजित दो दिवसीय ‘शक्ति संवाद’ सम्मेलन के उद्घाटन के अवसर पर उन्होंने कहा कि उनकी सरकार महिलाओं के समग्र विकास के लिए नीतिगत बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘शक्ति संवाद के माध्यम से महिला सुरक्षा और सशक्तीकरण पर विचार-विमर्श हो रहा है। सरकार इन चर्चाओं पर सकारात्मक विचार करेगी और रणनीतिक नीतिगत निर्णय लेगी। एक विकसित अर्थव्यवस्था के लिए लैंगिक समानता अत्यंत महत्वपूर्ण है।’’
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