दिल्ली चिड़ियाघर मांस भंडारण कक्ष में वातानुकूलित इकाई स्थापित करेगा
धीरज सुरेश
- 19 Aug 2025, 08:09 PM
- Updated: 08:09 PM
(नेहा मिश्रा)
नयी दिल्ली, 19 अगस्त (भाषा) दिल्ली चिड़ियाघर मांस भंडारण कक्षों में वातानुकूलित इकाइयां स्थापित करने की योजना बना रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मांस में दुर्गंध न आए या वह खराब न हो। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली चिड़ियाघर अपने जानवरों को खिलाने के लिए प्रतिदिन लगभग 165 किलोग्राम मांस खरीदता है।
उन्होंने बताया कि मांस के अलावा, पशुओं को विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थ खिलाए जाते हैं, जिनमें 1,100 किलोग्राम चारा, सब्जियां, फल, बेसन, हरी पत्तियां, अंडे, सत्तू, गुड़, बाजरा, गेहूं और अन्य खाद्य वस्तुएं शामिल हैं।
दिल्ली चिड़ियाघर के निदेशक संजीत कुमार ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि ये वस्तुएं सरकार द्वारा अनुमोदित आपूर्तिकर्ताओं के माध्यम से खरीदी जाती हैं और गुणवत्ता जांच के बाद ही निविदाओं के माध्यम से इन्हें अंतिम रूप दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि पशुओं का आहार भी मौसम और उनके आहार को प्रभावित करने वाले अन्य कारकों के अनुसार बदलता रहता है।
कुमार ने बताया, ‘‘आपूर्ति की श्रेणी के आधार पर विक्रेताओं का चयन निविदाओं के माध्यम से किया जाता है। फलों और सब्जियों के लिए हम मदर डेरी पर निर्भर हैं, क्योंकि कुछ स्थानीय विक्रेता यह सोचकर गुणवत्ता से समझौता कर लेते हैं कि यह केवल पशुओं के लिए है।’’
अधिकारियों ने बताया कि मांस, चारा और फल अलग-अलग ठेकेदारों को दिए गए अलग-अलग निविदाओं के जरिये खरीदे जाते हैं। उन्होंने बताया कि किसी भी अनुबंध को अंतिम रूप देने से पहले सभी वस्तुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उनका परीक्षण किया जाता है।
कुमार ने बताया कि मांस गाजीपुर चिकन और मीट मार्केट से सुबह लगभग पांच बजे आता है, जिसके बाद इसे परिसर में ही साफ किया जाता है, काटा जाता है। चूंकि अपराह्न करीब दो बजे इसे जानवरों को दिया जाता है, इसलिए कभी-कभी गर्मी में यह खराब होने लगते हैं।
उन्होंने बताया, ‘‘यह सुनिश्चित करने के लिए कि मांस की गुणवत्ता से समझौता न हो, विशेष रूप से गर्मियों के महीनों के दौरान, हम अब भंडारण इकाइयों को वातानुकूलित बनाने की योजना बना रहे हैं।’’
दिल्ली चिड़ियाघर की स्थापना नवंबर 1959 में की गई थी और इसका प्रबंधन केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय द्वारा किया जाता है।
भाषा धीरज