कांग्रेस नेताओं ने ‘पदोन्नत’ आईएएस अधिकारियों की सूची पर सवाल उठाए
पृथ्वी नोमान नेत्रपाल
- 19 Aug 2025, 07:14 PM
- Updated: 07:14 PM
जयपुर, 19 अगस्त (भाषा) राजस्थान में कांग्रेस नेताओं ने अन्य सेवाओं के चार अधिकारियों को पदोन्नति देकर भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) का अधिकारी बनाए जाने वाली नयी सूची पर सवाल उठाए हैं।
राजस्थान कैडर की अन्य सेवाओं से चार अधिकारियों को पदोन्नत कर आईएएस अधिकारी बनाया गया है। केंद्रीय कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने इसकी अधिसूचना कल जारी की।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने इन अधिकारियों को बधाई देते हुए ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘परंतु यह सोचनीय है कि राजस्थान की भाजपा सरकार ने इस चयन में किसी भी दलित, पिछड़े, आदिवासी या अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले अधिकारी को शामिल क्यों नहीं किया?’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे नेता राहुल गांधी उच्च पदों पर पिछड़े, दलित एवं आदिवासी वर्ग को प्रतिनिधित्व देने की लड़ाई लड़ रहे हैं। राजस्थान में कांग्रेस सरकार के समय अन्य सेवा के अधिकारियों को आईएएस अधिकारी बनाते समय सामान्य, दलित, पिछड़े सभी वर्गों के अधिकारियों को मौका दिया गया था।’’
उन्होंने लिखा, ‘‘सामाजिक न्याय केवल कांग्रेस ही सुनिश्चित कर सकती है। यह अब स्पष्ट है कि भाजपा इन वर्गों को प्रतिनिधित्व न देकर केवल जुमलों से वोट लेती है।’’
वहीं, कांग्रेस की राजस्थान इकाई के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘यह बेहद गंभीर और आश्चर्यजनक है कि सरकार को एससी, एसटी, ओबीसी, एमबीसी और अल्पसंख्यक श्रेणी में कोई भी योग्य अधिकारी नहीं मिला।’’
उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इसीलिए जातिगत जनगणना के पक्ष में हैं, ताकि सामाजिक न्याय सुनिश्चित हो सके और सबको आबादी के अनुपात में हिस्सेदारी मिल सके।
डोटासरा ने लिखा, ‘‘यह खुलेआम जातिवादी मानसिकता के प्रदर्शन का मामला है। 36 कौम का वोट लेकर सत्ता में बैठी भाजपा सरकार की जवाबदेही जातिवादी सोच वाले अधिकारियों के प्रति नहीं, जनता के प्रति है।’’
अधिसूचना के अनुसार, डॉ. नीतिश शर्मा, अमिता शर्मा, नरेंद्र कुमार मंघानी और नरेश कुमार गोयल को आईएएस अधिकारी बनाया गया है। इन चारों अधिकारियों को पदोन्नति की 2022 की रिक्तियों के तहत आईएएस का दर्जा दिया गया है।
भाषा पृथ्वी नोमान