राजग का चुनावी घोषणापत्र केवल तेदेपा और जनसेना का प्रतिनिधित्व करता है : पुरंदेश्वरी
धीरज नरेश
- 01 May 2024, 04:52 PM
- Updated: 04:52 PM
विशाखापत्तनम, एक मई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)की आंध्र प्रदेश इकाई की अध्यक्ष डी.पुरंदेश्वरी ने बुधवार को स्पष्ट किया कि राज्य में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) घटकों द्वारा मंगलवार को जारी घोषणापत्र केवल तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) और जनसेना के वादों का ही प्रतिनिधित्व करता है, भाजपा का नहीं।
पुरंदेश्वरी ने कहा कि भाजपा 2018 में पारित ‘रायलसीमा घोषणापत्र ’ को लेकर प्रतिबद्ध है जिसमें कुर्नूल में उच्च न्यायालय की स्थापना और शहर को आंध्र प्रदेश की दूसरी राजधानी बनाने का प्रावधान है।
पुरंदेश्वरी ने राजग के राज्य की सत्ता में आने का भरोसा जताते हुए कहा कि तेदेपा, जनसेना और भाजपा राज्य से लेकर मंडल स्तर पर समन्वय समिति का गठन करेंगे ताकि अगर कोई मतभेद हो तो उसे दूर किया जा सके।
उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’से कहा, ‘‘हम बार-बार कह रहे हैं कि ये तेदेपा और जनसेना का संयुक्त घोषणा पत्र है क्योंकि वे केवल तीन-चार महीने पहले ही गठबंधन में शामिल हुए हैं। यहां तक कि हमसे साथ जुड़ने से पहले ही उनका घोषणा पत्र तैयार था।’’
भाजपा नेता ने कहा कि पार्टी ने राष्ट्रीय स्तर पर अपना घोषणापत्र जारी किया है और जब राजग आंध्र प्रदेश में सत्ता में आएगा, तो तीनों दल एक साथ बैठेंगे और चर्चा करेंगे कि कैसे भाजपा के नीतिगत दस्तावेज को सहयोगी दलों के घोषणा पत्र में समायोजित किया जाएगा।
तेदेपा प्रमुख एन.चंद्रबाबू नायडू ने मंगलवार को राजग सहयोगियों का घोषणा पत्र जारी किया था जिसमें ‘छह वादे’ और कई कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र है।
तेदेपा प्रमुख ने रेखांकित किया कि भाजपा ने राष्ट्रीय स्तर पर अपना घोषणा पत्र जारी किया है और राज्य में हमारे घोषणा पत्र को लागू करने में सहयोग करेगी। हालांकि, दोनों सहयोगी दलों के घोषणापत्र पर मोदी की तस्वीर नहीं है जिसे लेकर राज्य में सत्तारूढ़ वाईएसआर कांग्रेस सरकार ने निशाना साधा है।
राज्य में विपक्षी तेदेपा और जनसेना के घोषणा पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए वाईएसआर कांग्रेस प्रमुख और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई.एस.जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि घोषणापत्र पर प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर का न होना साबित करता है कि वादे पूरे करने योग्य नहीं हैं।
एक सवाल पर पुरंदेश्वरी ने कहा कि भाजपा धर्म के आधार पर आरक्षण के खिलाफ है और यही रुख आंध्र प्रदेश में भी अपनाएगी।
उन्होंने कहा कि ‘रायलसीमा घोषणापत्र’2018 में जारी किया गया था और भाजपा इसको लेकर अडिग है।
भाषा धीरज