कांवड़ियों का ट्रक बिजली के तार की चपेट में आया, दो कांवड़ियों की मौत: पुलिस
पृथ्वी नोमान
- 23 Jul 2025, 05:01 PM
- Updated: 05:01 PM
जयपुर, 23 जुलाई (भाषा) राजस्थान के अलवर जिले में बुधवार को कांवड़ यात्रा में शामिल ट्रक के बिजली के तार की चपेट में आने से दो कांवड़ियों की करंट लगने से मौत हो गई और लगभग 30 अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार, बिचगांव में यह हादसा उस समय हुआ जब कांवड़ियों का एक समूह और कुछ लोग गांव में परिक्रमा लगा रहे थे। समूह में शामिल ट्रक बिजली के लटकते हुए तार की चपेट में आ गया, जिससे श्रद्धालुओं की करंट लगने से मौत हो गई।
पुलिस ने बताया, "दो लोगों की मौत हो गई है और लगभग 30 घायल हैं।" घायलों में से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है।
मृतकों की पहचान गोपाल (22) और सुरेश प्रजापत (40) के रूप में हुई है। वे दोनों बीचगांव के रहने वाले थे। परिक्रमा के बाद समूह को एक मंदिर की ओर जाना था।
इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें श्रद्धालु नाचते हुए दिखाई दे रहे हैं, कई भक्त ट्रक के पास चल रहे हैं और अचानक वे ज़मीन पर गिर जाते हैं। महिलाओं सहित कई लोग कुछ ही सेकंड में करंट की चपेट में आ गए और गिर गए।
उन्हें तुरंत पास के अस्पतालों में ले जाया गया, जहां दो को मृत घोषित कर दिया गया।
घटना से गुस्साए स्थानीय लोगों ने लक्ष्मणगढ़-मुंडावर मार्ग जाम कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली के तार नीचे तक लटक रहे हैं और इसकी शिकायत अधिकारियों से की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। हालांकि लक्ष्मणगढ़ की तहसीलदार ममता कुमारी ने कहा कि उन्हें शिकायत की जानकारी नहीं है।
प्रशासन ने ग्रामीणों को घायलों के समुचित इलाज का आश्वासन दिया और घटना के कारणों की विस्तृत जांच का वादा किया।
गुस्साए स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया और दावा किया कि ढीले और लटकते तारों को लेकर बार-बार की गई शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। एक ग्रामीण ने कहा, "कई बार चेताने के बावजूद विभाग ने कोई कदम नहीं उठाया।"
लगभग पांच घंटे तक चला यह विरोध प्रदर्शन ग्रामीणों और स्थानीय प्रशासन के बीच सहमति बनने के बाद समाप्त हुआ।
ग्रामीणों ने बताया कि स्थानीय लोगों द्वारा प्रतिवर्ष कांवड़ यात्रा निकाली जाती है। यह यात्रा मंगलवार रात गांव के बाहरी इलाके में पहुंची थी।
वन मंत्री और अलवर शहर के विधायक संजय शर्मा ने अलवर के सरकारी अस्पताल में पीड़ितों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना।
भाषा पृथ्वी