नोएडा: ‘अवैध’ वृद्धाश्रम से 42 बुजुर्गों को बचाया गया
शोभना
- 28 Jun 2025, 12:26 AM
- Updated: 12:26 AM
नोएडा (उत्तर प्रदेश), 27 जून (भाषा) नोएडा के एक ‘अवैध’ वृद्धाश्रम में पुलिस ने छापेमारी करके 42 बुजुर्ग लोगों को बचाया है। छापेमारी के दौरान वहां कुछ बुजुर्ग महिलाएं बंधी हुई पायी गयीं, कई के बदन पर कपड़े नहीं थे और कई अन्य ‘तहखाने जैसे’ कमरों में थे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग और राज्य कल्याण विभाग के सदस्यों की मौजूदगी में बृहस्पतिवार को की गई छापेमारी के दौरान वृद्धाश्रम की हालत बेहद खराब पाई गई।
समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि सरकार ने मामले का संज्ञान लिया है और जिला अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है।
आनंद निकेतन वृद्धा सेवा आश्रम के नाम से प्रसिद्ध इस आश्रम का प्रबंधन 1989 में स्थापित एक निजी धर्मार्थ ट्रस्ट, जन कल्याण ट्रस्ट द्वारा किया जाता है।
आयोग की सदस्य मीनाक्षी भराला ने बताया कि यह एक अवैध वृद्धाश्रम है।
उन्होंने कहा, ‘‘छापेमारी के दौरान एक बुजुर्ग महिला बंधी हुई पाई गई, जबकि अन्य बुजुर्ग लोग तहखाने जैसे कमरों में बंद थे।’’
उन्होंने कहा कि कुछ पुरुषों के पास कपड़े तक नहीं थे, जबकि कई वृद्ध महिलाओं के तन पर पर आधे-अधूरे कपड़े थे।
भराला ने कहा, ‘‘यह वृद्धाश्रम पूरी तरह से अवैध है। इस आश्रम में 42 बुजुर्ग रह रहे थे, जिनमें से तीन बुजुर्गों को शुक्रवार को समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित वृद्धाश्रम में पहुंचा दिया जाएगा। बाकी लोगों को अगले पांच दिनों में सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त अन्य वृद्धाश्रमों में स्थानांतरित कर दिया जाएगा ।’’
उन्होंने कहा कि प्रशासन की मदद से इस वृद्धाश्रम को सील कर दिया जाएगा। इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए उत्तर प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने लखनऊ में पीटीआई-भाषा को बताया कि उन्हें मामले की जानकारी है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने जिला मजिस्ट्रेट से प्रारंभिक जांच करने और 24 घंटे के भीतर मुझे रिपोर्ट देने को कहा है। रिपोर्ट उपलब्ध होने के बाद, हम यह तय करने में बेहतर स्थिति में होंगे कि क्या करने की जरूरत है।’’
एक अधिकारी ने बताया कि गौतमबुद्ध नगर में केवल एक सरकारी वृद्धाश्रम है। हालांकि निजी तौर पर संचालित केन्द्रों की संख्या पर कोई सीमा नहीं है, लेकिन उन्हें आवश्यक परिचालन दिशानिर्देशों का पालन करना आवश्यक है।
भाषा