पश्चिम बंगाल: पहली बार मतदान के लिए उत्सुक विश्वविद्यालय के छात्र
सिम्मी शोभना
- 27 Apr 2024, 02:10 PM
- Updated: 02:10 PM
(सुप्रतीक सेनगुप्ता)
कोलकाता, 27 अप्रैल (भाषा) कोलकाता में उच्च शिक्षा संस्थानों के वे छात्र मतदान करने के लिए उत्सुक हैं जो पहली बार अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे और उनका मानना है कि छात्र समुदाय और बड़े पैमाने पर समाज से जुड़े ‘‘वास्तविक मुद्दे’’ सुलझाने का यही तरीका है।
छात्रों का कहना है कि ‘‘लोकतंत्र के त्योहार’’ से मुंह मोड़ने का मतलब होगा कि विश्वविद्यालयों के कामकाज में गतिरोध, भर्ती घोटाले और भोजन, आश्रय एवं आजीविका की बुनियादी जरूरतों से जुड़े मुद्दे राजनीतिक रूप से ठंडे बस्ते में चले जाएंगे।
पहली बार वोट करने वाली मध्य कोलकाता के प्रेसीडेंसी विश्वविद्यालय की छात्रा ऋतुश्री ने कहा कि वह ऐसी सरकार चाहतीं हैं जो धर्म के नाम पर नहीं बर्गलाए और जिसका शैक्षणिक संस्थानों से कोई टकराव नहीं हो।
उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘मुझे लगता है कि मेरा वोट बदलाव ला सकता है।’’
विश्वविद्यालय के एक अन्य छात्र कौस्तव डे ने कहा, ‘‘बड़े राष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों को भूल जाइये। यदि आप देखें कि शिक्षा क्षेत्र किस दिशा में आगे बढ़ रहा है तो मुझे लगता है कि हमें एक ऐसे प्रतिनिधि को चुनकर अपना योगदान देना चाहिए, जो बदलाव लाए, जिसके माध्यम से संस्थागत स्वायत्तता बहाल की जा सके और समुदाय के मुद्दों से निपटने के लिए छात्र निकाय चुनाव फिर से कराए।’’
छात्रों ने एसएससी नौकरी संकट और दलों की असंवेदनशील राजनीतिक बयानबाजी जैसे मुद्दों को भी वोट देने की उनकी प्रतिबद्धता के अहम कारण बताया।
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा संचालित और उससे सहायता प्राप्त विद्यालयों में राज्य स्तरीय चयन परीक्षा-2016 की भर्ती प्रक्रिया के जरिये हुई शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मियों की 25,753 नियुक्तियों को रद्द करने का सोमवार को आदेश दिया था तथा चयन प्रक्रिया को ‘‘अमान्य एवं अवैध’’ करार दिया था।
एक अन्य छात्रा तीस्ता अधिकारी ने कहा, ‘‘मुझे यह जानकर आश्चर्य हुआ कि 26,000 शिक्षकों की नौकरियां छीन ली गईं।
उन्होंने कहा, ‘‘उनमें से अधिकतर दोषी नहीं हैं क्योंकि वे उन लोगों द्वारा तैयार की गई भर्ती प्रणाली का शिकार हुए जिन्हें हमने वोट दिया था।’’
यादवपुर विश्वविद्यालय में स्नातक अंतिम वर्ष की छात्रा जॉयद्रिता ने भ्रष्टाचार, महिलाओं के खिलाफ अपराधों सहित सामाजिक ध्रुवीकरण और सरकारी विफलताओं से निपटने के लिए मतदान के महत्व पर जोर दिया।
भाषा सिम्मी