ओडिशा: एसईबीसी के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर कांग्रेस ने 24 घंटे का धरना शुरू किया
यासिर प्रशांत
- 22 May 2025, 08:33 PM
- Updated: 08:33 PM
भुवनेश्वर, 22 मई (भाषा) ओडिशा में कांग्रेस ने शिक्षा एवं नौकरियों में सामाजिक व आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग (एसईबीसी) के उम्मीदवारों के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण सहित पांच सूत्री मांगों को लेकर बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी के आधिकारिक आवास के समीप 24 घंटे का धरना शुरू किया।
ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (ओपीसीसी) के अध्यक्ष भक्त चरण दास और राज्य के लिए एआईसीसी प्रभारी अजय कुमार लल्लू के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी के नेता समेत कार्यकर्ता यहां महात्मा गांधी मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास के पास एक तंबू में धरने पर बैठ गए।
दास ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘हमारा धरना शुक्रवार सुबह 10 बजे तक पूरे 24 घंटे जारी रहेगा। कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता यहां सत्याग्रह स्थल पर रात बिताएंगे।’’
एसईबीसी आरक्षण पर कांग्रेस के इस ‘सत्याग्रह’ से एक दिन पहले विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) ने बुधवार को राजभवन के समीप विरोध रैली आयोजित की और इसी तरह की मांग की थी।
राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने पिछले सप्ताह चिकित्सा, इंजीनियरिंग व तकनीकी पाठ्यक्रमों को छोड़कर उच्च शिक्षा में एसईबीसी श्रेणी के छात्रों के लिए 11.25 प्रतिशत आरक्षण की घोषणा की थी, जिसके बाद दोनों दल सड़कों पर उतर आए।
राज्य में दोनों दलों ने एसईबीसी छात्रों को तकनीकी शिक्षा और नौकरियों सहित शिक्षा में 27 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने की मांग की।
सत्तारूढ़ भाजपा ने हालांकि कहा कि राज्य सरकार जल्द ही चिकित्सा और इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में एसईबीसी छात्रों के लिए आरक्षण का प्रावधान करेगी। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल ने कहा कि उनकी पार्टी ने सरकार बनने के 11 महीने के भीतर एसईबीसी छात्रों के लिए कोटा लागू किया, जबकि बीजद 2000 से 2024 तक के अपने 24 साल के शासन के दौरान ऐसा करने में ‘विफल’ रही।
ओपीसीसी अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस की पांच सूत्री मांगों में सरकारी नौकरियों में एसईबीसी छात्रों के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण, मेडिकल और इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों सहित तकनीकी शिक्षा में उनके लिए कोटा प्रावधान, पंचायती राज चुनावों में भी आरक्षण तुरंत लागू किया जाना चाहिए और निजी क्षेत्र में आरक्षण लागू किया जाना चाहिए।
भाषा यासिर