एमसीडी: कचरा उठाने पर लगने वाले शुल्क को वापस लेगी भाजपा
राजकुमार सुरेश
- 20 May 2025, 09:18 PM
- Updated: 09:18 PM
(तस्वीर के साथ)
नयी दिल्ली, 20 मई (भाषा) दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कचरा उठाने पर शुल्क वसूलने के निर्णय को वापस लेने और गृहकर के पुराने बकाये के निपटान के लिए माफी योजना लाने की घोषणा की है। पार्टी नेताओं ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
भाजपा की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा और दिल्ली के महापौर राजा इकबाल सिंह ने इन निर्णयों की घोषणा की।
सिंह ने कहा, ‘‘एमसीडी में पहले सत्तारूढ़ रही आम आदमी पार्टी (आप) ने बिना किसी चर्चा के उपयोगकर्ता शुल्क लगा दिया था। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि लोगों पर कोई उपयोगकर्ता शुल्क नहीं लगाया जाए। हम बुधवार को एमसीडी सदन की बैठक में इस पर एक निजी प्रस्ताव लाएंगे।’’
महापौर ने यह भी कहा कि भाजपा एक माफी योजना लाएगी, जिसके तहत पांच साल का बकाया गृहकर जमा कराने पर उसका निपटारा कर दिया जाएगा।
सिंह ने कहा कि कोई जुर्माना या देरी से भुगतान पर अधिभार नहीं लगाया जाएगा और लोगों को एमसीडी द्वारा गृहकर बकाया के निपटारे को दर्शाते हुए अनापत्ति प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा।
सचदेवा ने कहा कि भाजपा ने प्रमुख आरडब्ल्यूए के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की है। उन्होंने कहा कि कचरा उठाने पर आप द्वारा उपयोगकर्ता शुल्क ‘मनमाने ढंग से’ लगाया गया।
आप पार्षदों ने सोमवार को सदन की कार्यसूची से उपयोगकर्ता शुल्क वापस लेने के प्रस्ताव को हटा दिये जाने के विरोध में दिल्ली महापौर कार्यालय के बाहर धरना दिया।
एमसीडी के 25 अप्रैल को हुए चुनावों में महापौर और उपमहापौर के पदों पर भाजपा ने जीत दर्ज की और कचरा संग्रहण पर उपयोगकर्ता शुल्क वापस लेने का वादा किया।
सात अप्रैल को तत्कालीन आप शासित एमसीडी ने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (एसडब्ल्यूएम) उपनियमों के अनुसार, कचरा संग्रहण, परिवहन और निपटान सेवाओं के लिए ‘उपयोगकर्ता शुल्क’ वसूला जाना चाहिए।
सचदेवा ने कहा कि भाजपा ने महापौर से उपयोगकर्ता शुल्क की वसूली स्थगित करने तथा दिल्ली के निवासियों और व्यापारियों के संगठनों से विचार-विमर्श के बाद ही इस पर कोई निर्णय लेने का अनुरोध किया है।
उन्होंने कहा कि हाल में पार्टी कार्यालय में आयोजित बैठक के दौरान भाजपा नेताओं को आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों से विभिन्न सुझाव और आपत्तियां प्राप्त हुईं।
सचदेवा ने कहा कि एमसीडी में आप सरकार ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 की आड़ में बिना किसी परामर्श के ‘जल्दबाजी में’ उपयोगकर्ता शुल्क लगा दिया।
उन्होंने दावा किया कि (लेकिन) नियमों के तहत अनिवार्य उचित प्रक्रियाओं और स्वच्छता समितियों के गठन का कभी पालन नहीं किया गया।
भाषा राजकुमार