राज्य, केंद्रशासित प्रदेश अवैध प्रतिरोपण में लिप्त अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे: मंत्रालय
अमित सुरेश
- 21 Apr 2024, 08:13 PM
- Updated: 08:13 PM
नयी दिल्ली, 21 अप्रैल (भाषा) केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से अवैध अंग प्रतिरोपण करने वाले अस्पतालों के पंजीकरण निलंबित करने सहित तमाम उचित कार्रवाई करने और किसी भी उल्लंघन की जांच करने को कहा है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
भारत सरकार के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक (डीजीएचएस) डॉ. अतुल गोयल ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लिखे एक पत्र में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से विदेशियों सहित सभी प्रतिरोपण मामलों के डेटा नियमित रूप से संग्रह करने और मासिक आधार पर राष्ट्रीय अंग और ऊतक प्रतिरोपण संगठन (एनओटीटीओ) के साथ साझा करने का आग्रह किया है।
मंत्रालय का यह निर्देश हरियाणा और राजस्थान में बांग्लादेशी नागरिकों से जुड़े अंग तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ होने के दो सप्ताह बाद आया है।
विदेशी नागरिकों से जुड़े अंगों के वाणिज्यिक लेन-देन का उल्लेख करने वाली मीडिया खबरों का हवाला देते हुए, डॉ. गोयल ने कहा, "एनओटीटीओ की रजिस्ट्री को यह भी पता चला है कि देश में विदेशियों के अंग प्रतिरोपण की संख्या में वृद्धि हुई है, जिसे देखते हुए ऐसे प्रतिरोपणों की संबंधित राज्य या केंद्रशासित प्रदेश सरकार द्वारा निगरानी की आवश्यकता है।"
गोयल ने 10 अप्रैल को जारी पत्र में निर्देश दिया कि मानव अंग और ऊतक प्रतिरोपण अधिनियम (टीएचओटीए), 1994 के अनुसार नियुक्त राज्य के उचित प्राधिकारी को अपने संबंधित राज्यों में विदेशी नागरिकों के प्रतिरोपण मामलों की जांच करनी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि जब भी अधिनियम के किसी प्रावधान या उसके तहत बनाए गए किसी नियम का उल्लंघन हो तो उचित कार्रवाई करें।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को 15 दिनों के भीतर निर्देशों पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट सौंपने को भी कहा है।
अधिकारियों के मुताबिक, चार अप्रैल को मुख्यमंत्री उड़न दस्ता, गुरुग्राम स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने जयपुर के दो निजी अस्पतालों में पैसे लेकर किडनी प्रतिरोपण कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया था।
उन्होंने कहा था कि इस रैकेट का भंडाफोड़ गुरुग्राम के एक होटल में छापेमारी के बाद हुआ था, जहां एक बांग्लादेशी नागरिक पाया गया था, जिसने "संदिग्ध" वित्तीय व्यवस्था के तहत जयपुर के एक अस्पताल में किडनी निकालने की प्रक्रिया कराई थी।
भाषा अमित