कोई भी शहंशाह डरा-धमकाकर अपनी कुर्सी नहीं बचा सकता: राजिंदर राणा
योगेश अविनाश
- 11 Mar 2024, 05:38 PM
- Updated: 05:38 PM
शिमला, 11 मार्च (भाषा) हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के बागी नेता राजिंदर राणा ने सोमवार को कहा कि कोई भी शहंशाह डरा-धमका कर अपनी कुर्सी नहीं बचा सकता। राजिंदर राणा ने एक निर्दलीय विधायक और एक अन्य बागी नेता के पिता के खिलाफ हालिया राज्यसभा चुनाव से संबंधित ‘चुनावी अपराध’ का मामला दर्ज किए जाने के एक दिन बाद यह टिप्पणी की।
हमीरपुर के निर्दलीय विधायक आशीष शर्मा और गगरेट के अब अयोग्य विधायक चैतन्य शर्मा के पिता और अन्य के खिलाफ कांग्रेस विधायकों संजय अवस्थी एवं भुवनेश्वर गौड़ की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है।
आशीष और चैतन्य उन छह कांग्रेसी बागियों और तीन निर्दलीय विधायकों में से हैं, जिन्होंने हालिया राज्यसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उम्मीदवार हर्ष महाजन के पक्ष में मतदान किया था।
राणा ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच 'फेसबुक' पर एक पोस्ट में बिना नाम लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर परोक्ष रूप से हमला किया और कहा "कायरों की तरह पीछे से वार करके लड़ाइयां नहीं जीती जाती। असली योद्धा सामने आकर लड़ते हैं... डरा-धमकाकर और झूठे मुकदमे दज्र करवा कर कोई भी शहंशाह अपनी कुर्सी महफूज नहीं रख सकता।"
कांग्रेस विधायकों संजय अवस्थी और भुवनेश्वर गौड़ ने 27 फरवरी को राज्यसभा चुनाव होने के बाद से चुनावी अपराध, रिश्वतखोरी और आपराधिक साजिश की जांच की मांग की थी और शिकायत दर्ज कराई थी।
उन्होंने शिकायत में चुनावों को प्रभावित करने के लिए खरीद-फरोख्त और धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया था।
रविवार को राणा ने कहा कि इस रवैये के लिए मुख्यमंत्री को भविष्य में परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना चाहिए। अगर मुख्यमंत्री सोचते हैं कि वह झूठी शिकायतें दर्ज करके दिल जीत सकते हैं, तो वह गलत हैं और दबाव की ये रणनीति मदद नहीं करेगी।
भाजपा के पक्ष में ‘क्रॉस वोटिंग’ करने वाले कांग्रेस के छह विधायकों-सुधीर शर्मा, रवि ठाकुर, राजिंदर राणा, इंद्र दत्त लखनपाल, चैतन्य शर्मा और देविंदर कुमार भुट्टो को कटौती प्रस्ताव और बजट के दौरान सदन में मौजूद रहने और सरकार के पक्ष में वोट के लिए जारी व्हिप का उल्लंघन करने पर अयोग्य घोषित कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने उच्चतम न्यायालय का रुख किया।
राज्यसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में मतदान करने वाले तीन निर्दलीय विधायक आशीष शर्मा, होशियार सिंह और केएल ठाकुर थे।
भाषा
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