कोलकाता मेट्रो का हवाई अड्डा गलियारा यातायात मंजूरी के मुद्दे पर अटका
यासिर माधव
- 21 Feb 2025, 07:03 PM
- Updated: 07:03 PM
कोलकाता, 21 फरवरी (भाषा) कोलकाता के ईएम बाइपास पर चिंगरीघाटा खंड में कुछ समस्या के कारण ऑरेंज लाइन कार्य की प्रगति बाधित हो गई है। मेट्रो रेलवे कोलकाता ने यह जानकारी दी।
ये लाइन दक्षिणी हिस्से को हवाई अड्डे से जोड़ती है।
रूबी क्रॉसिंग (हेमंत मुखोपाध्याय) से विमान बंदर (हवाई अड्डा) तक विस्तारित यह खंड न्यू गरिया को शहर के हवाई अड्डे से जोड़ेगा।
चिंगरीघाटा में ईएम बाईपास पर यातायात का मार्ग बदलने की अनुमति प्राप्त करने में देरी का हवाला देते हुए मेट्रो रेलवे के एक अधिकारी ने कहा कि रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) ने पहले ही कैप्टन भेरी और धापा लॉक पंपिंग स्टेशन (डीएलपीएस) के माध्यम से चिंगरीघाटा तक एक परिवर्तित मार्ग का निर्माण कर लिया है।
अधिकारी ने बताया कि कार्य को सुविधाजनक बनाने के लिए कोलकाता नगर निगम (केएमसी) और यातायात विभाग के अधिकारियों के साथ कई बार विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय लिया गया।
अधिकारी ने शुक्रवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘इस खंड में आधारभूत कार्य के संबंध में यातायात विभाग की सभी टिप्पणियों पर गौर करने के बाद, आरवीएनएल ने तीन से 12 फरवरी तक रात्रिकालीन यातायात का मार्ग बदलने की अनुमति मांगी थी। हालांकि, यातायात विभाग ने उस समय मंजूरी नहीं दी।’’
उन्होंने खेद व्यक्त करते हुए कहा, ‘‘आरवीएनएल के अधिकारियों ने 11 फरवरी को पुलिस आयुक्त से मुलाकात की, जिन्होंने उन्हें आश्वासन दिया कि दो दिनों के भीतर अनुमति दे दी जाएगी। उन्होंने 12 फरवरी को संयुक्त पुलिस आयुक्त (यातायात) से भी संपर्क किया और कार्य के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) का अनुरोध किया। लेकिन एनओसी नहीं दी गई।’’
मेट्रो रेलवे के महाप्रबंधक पी. उदय कुमार रेड्डी और पश्चिम बंगाल के मंत्री सुजीत बोस ने 16 फरवरी को आरवीएनएल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मौके पर जा कर निरीक्षण किया। अधिकारी ने कहा कि उन्होंने मुद्दों को हल करने और यातायात मार्ग बदलने के मकसद से आवश्यक अनुमति प्राप्त करने के लिए एक बैठक भी की ताकि खंड प्रारंभ करने का काम जल्दी शुरू हो सके।
कोलकाता यातायात पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि विभाग एक ऐसे व्यावहारिक समाधान की दिशा में काम कर रहा है, जो मेट्रो परियोजना के क्रियान्वयन के साथ ईएम बाईपास पर चिंगरीघाटा-बेलेघाटा मोड़-मेट्रोपॉलिटन खंड पर वाहनों की सुचारू आवाजाही की आवश्यकता को संतुलित कर सके।
भाषा यासिर