सभी चयन ट्रायल कैमरे के सामने होंगे, मंत्रालय और साइ के अधिकारी भी होंगे मौजूद
मोना पंत
- 21 Feb 2025, 05:34 PM
- Updated: 05:34 PM
नयी दिल्ली, 21 फरवरी (भाषा) राष्ट्रीय खेल महासंघों द्वारा अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों के लिये भारतीय टीम के चयन में पारदर्शिता लाने की कवायद में सभी चयन ट्रायल अब कैमरे के सामने होंगे जिसमें खेल मंत्रालय और भारतीय खेल प्राधिकरण के अधिकारी मौजूद होंगे ।
खेल मंत्रालय के एक सूत्र ने यह जानकारी दी ।
पिछले कुछ अर्से में चयन से जुड़े मसलों के अदालत तक जाने के मद्देनजर खेल मंत्रालय ने मेरिट के आधार पर चयन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिये यह फैसला लिया है ।
सूत्र ने कहा ,‘‘ अक्सर यह देखा जाता है कि चयन मामलों को लेकर विवाद होते हैं और वे अदालत तक जाते हैं जिससे खिलाड़ियों पर असर पड़ता है । इसलिये हमने अब से सारे चयन ट्रायल कैमरे के सामने पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में कराने का फैसला लिया है । इससे खेलों में मचने वाली उथल पुथल से काफी हद तक पार पाया जा सकेगा ।’’
उथल पुथल से अभिप्राय देश में चयन नीतियों को लेकर होने वाले विवादों से था । निशानेबाजी और कुश्ती जैसे खेलों में पिछले साल ओलंपिक से पहले चयन से जुड़े मसले अदालत तक जा पहुंचे थे ।
सूत्र ने कहा ,‘‘ चयन प्रक्रिया के दौरान मंत्रालय और साइ के अधिकारी मौजूद होंगे ।’’
उन्होंने कहा ,‘‘ सिर्फ प्रदर्शन ही मानदंड होना चाहिये । चयन उसी के आधार पर हो । महासंघ स्वायत्ता के नाम पर मनमानी नहीं कर सकते ।’’
भारतीय कुश्ती महासंघ के मसले पर सूत्र ने कहा कि मंत्रालय पूरी कोशिश कर रहा है कि मौजूदा हालात का असर खिलाड़ियों पर नहीं पड़े ।
मंत्रालय से राष्ट्रीय महासंघ को मान्यता नहीं मिलने के कारण पहलवान ऊहापोह में हैं । उन्हें एक रैंकिंग टूर्नामेंट से पीछे हटना पड़ा और महासंघ के खिलाफ अदालती मामले के कारण आगामी टूर्नामेंटों में भी भागीदार तय नहीं है ।
सूत्र ने यह भी बताया कि राष्ट्रीय खेल महासंघों और खिलाड़ियों के बीच समन्वय को बढावा देने के लिये दिल्ली के विभिन्न स्टेडियमों में महासंघों को कार्यालय खोलने के लिये जगह दी जायेगी ।
कई राष्ट्रीय महासंघों के कार्यालय जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में थे लेकिन 2010 राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान नवीनीकरण और मरम्मत कार्य के कारण उन्हें स्थानांतरित किया गया ।
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