आगामी चुनावों में भाजपा व तेदेपा ने साथ मिलकर काम करने का फैसला किया : तेदेपा सांसद रवींद्र कुमार
ब्रजेन्द्र ब्रजेन्द्र अविनाश
- 08 Mar 2024, 07:29 PM
- Updated: 07:29 PM
नयी दिल्ली, आठ मार्च (भाषा) तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य कनकमेदला रवींद्र कुमार ने शुक्रवार को दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), जन सेना और उनकी पार्टी ने सैद्धांतिक रूप से, आगामी चुनावों में साथ मिलकर काम करने का फैसला किया है और इसके तौर-तरीकों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
तेदेपा प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा के साथ मुलाकात के एक दिन बाद कुमार ने पीटीआई-भाषा से कहा कि आंध्र प्रदेश में एक साथ होने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनावों के लिए गठबंधन के उद्देश्यों को लेकर प्रारंभिक चर्चा हुई है।
उन्होंने कहा, ‘‘सैद्धांतिक रूप से भाजपा, तेदेपा और जन सेना ने साथ काम करने का फैसला किया है।’’
जन सेना के अध्यक्ष और अभिनेता पवन कल्याण भी बृहस्पतिवार को शाह के आवास पर डेढ़ घंटे से अधिक समय तक चली चर्चा का हिस्सा थे।
सूत्रों ने कहा कि इस गठबंधन में भाजपा को कितनी सीटें मिलेंगी, यह एक महत्वपूर्ण बिंदु है। आंध्र प्रदेश में लोकसभा की 25 और विधानसभा की 175 सीट हैं।
सूत्रों ने बताया कि तीनों दलों के शीर्ष नेता मतभेदों को दूर करने और आगे बढ़ने के तरीकों को अंतिम रूप देने के लिए एक और दौर की वार्ता कर सकते हैं।
भाजपा जहां 20 से अधिक विधानसभा और करीब आठ लोकसभा सीट पर चुनाव लड़ना चाहती है, वहीं राज्य में मुख्य विपक्षी दल तेदेपा उसे पांच-छह संसदीय सीट से ज्यादा देने को तैयार नहीं है।
सूत्रों ने बताया कि तेदेपा यह भी चाहती है कि आंध्र प्रदेश में हाशिए पर चल रही भाजपा विधानसभा की 10 से अधिक सीट पर चुनाव नहीं लड़े।
तेदेपा नेताओं का मानना है कि भाजपा की मांग पर सहमति से राज्य की सत्तारूढ़ वाईएसआर कांग्रेस पार्टी को फायदा मिल सकता है। वाईएसआर कांग्रेस की कमान मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी के पास है।
हालांकि भाजपा ने वार्ताओं पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है लेकिन इसके कुछ नेताओं का तर्क है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील ‘बड़ा कारक’ साबित हो सकती है जिससे इस गठबंधन को फायदा हो सकता है।
भाजपा लंबे समय से राजग का विस्तार करने की कोशिश कर रही है। माना जा रहा है कि वह ओडिशा में सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजद) के साथ गठबंधन करने के करीब है।
नायडू 2018 में आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा नहीं देने के विरोध में भाजपा नीत राजग से बाहर हो गए थे जबकि बीजद अध्यक्ष और ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक 2009 में गठबंधन से अलग हो गए थे।
भाषा ब्रजेन्द्र ब्रजेन्द्र