कांगो: प्रदर्शनकारियों ने कांगो की राजधानी में विदेशी दूतावासों पर किया हमला
एपी अमित माधव
- 28 Jan 2025, 08:06 PM
- Updated: 08:06 PM
गोमा (कांगो), 28 जनवरी (एपी) प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार को रवांडा, फ्रांस और बेल्जियम सहित कई देशों के दूतावासों पर हमला किया। प्रदर्शनकारियों ने मांग कि ये देश रवांडा समर्थित एम23 विद्रोहियों के देश के संघर्षग्रस्त पूर्वी हिस्से के एक प्रमुख शहर में आगे बढ़ने का विरोध करें।
घटनास्थल पर मौजूद ‘एसोसिएटेड प्रेस’ के पत्रकारों के अनुसार, पुलिस ने किंशासा में दूतावासों की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले दागे। पत्रकारों के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने इमारतों के कुछ हिस्सों में या तो लूटपाट की या आग लगा दी। पत्रकारों के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने केन्या और युगांडा के दूतावासों पर भी हमला किया।
कांगो के सुरक्षा बल प्रमुख पूर्वी शहर गोमा की ओर बढ़ रहे विद्रोहियों को रोकने का प्रयास किया। एम23 विद्रोही उन लगभग 100 सशस्त्र समूहों में से एक हैं, जो इस खनिज-समृद्ध क्षेत्र में पैर जमाने की कोशिश कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय विद्रोहियों के आगे बढ़ने को लेकर रवांडा पर दबाव बनाए। प्रदर्शनकारियों में से एक टिमोथी त्सिशिम्बी ने कहा, ‘‘हम अंतरराष्ट्रीय समुदाय के पाखंड की निंदा करते हैं। उन्हें रवांडा से यह कहना चाहिए कि वह इस दुस्साहस को रोक दे।’’
बीस लाख की आबादी वाले शहर गोमा के निवासियों ने शहर में रात भर गोलीबारी होने की सूचना दी, जिस पर विद्रोहियों ने सोमवार को कब्जा करने का दावा किया था। अब बंद हो चुके गोमा हवाई अड्डे के पास विस्फोट और गोलीबारी की आवाजें सुनी गईं।
यह स्पष्ट नहीं है कि गोमा के कितने हिस्से पर विद्रोहियों का नियंत्रण है, जिन्होंने सोमवार को सुबह शहर में प्रवेश किया था, जिससे निवासियों में भय और उत्साह दोनों तरह का माहौल था।
गोमा के निवासी सैम लुवावा ने कहा, ‘‘सुबह से ही हमने बम विस्फोट और गोलियों की आवाज सुनी है। अभी तक हम यह नहीं कह सकते कि शहर पर वास्तव में किसका नियंत्रण है।’’
दक्षिण अफ्रीकी रक्षा विभाग ने मंगलवार को कहा कि सोमवार को विद्रोहियों द्वारा गोमा हवाई अड्डे की ओर मोर्टार दागे जाने से तीन दक्षिण अफ्रीकी शांति सैनिकों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य सैनिक की कुछ दिन पहले लड़ाई में लगी चोटों के कारण मृत्यु हो गई।
संयुक्त राष्ट्र और सैन्य अधिकारियों के अनुसार, इसके साथ ही इस संघर्ष में जान गंवाने वाले शांति सैनिकों और विदेशी सैनिकों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है।
एपी अमित