तमिलनाडु के कैदी की हिरासत में मौत: द्रमुक और अन्नाद्रमुक ने टीवीके सरकार पर साधा निशाना
माधव
- 16 Jul 2026, 10:15 PM
- Updated: 10:15 PM
चेन्नई, 16 जुलाई (भाषा) नागरकोइल जिला जेल में न्यायिक हिरासत में बंद कैदी एस. सबरी वर्मन की कथित पिटाई के बाद हुई मौत को लेकर तमिलनाडु में सियासी आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
मुख्य विपक्षी दल द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के आधिकारिक मुखपत्र 'मुरासोली' ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला देते हुए लिखा, "खोपड़ी को नुकसान, सिर और गर्दन पर चोटें तथा छाती के निचले हिस्से में सात सेंटीमीटर लंबा घाव।"
अखबार ने इन चोट का उल्लेख करते हुए दावा किया कि न्यायिक हिरासत में बंद सबरी वर्मन की जेल में कथित पिटाई के कारण मौत हुई।
वहीं, अन्नाद्रमुक (एआईएडीएमके) के आईटी प्रकोष्ठ ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की आलोचना करते हुए उनसे "चुप्पी तोड़ने" की मांग की।
पार्टी ने एक बयान में कहा, "आपके शासन में जेल के भीतर निर्ममता से मारे गए सबरी वर्मन के परिजनों के आंसुओं का कोई जवाब है? मुख्यमंत्री, अब तो कुछ बोलिए।"
मुख्यमंत्री का मजाक उड़ाते हुए और उन्हें "रील मुख्यमंत्री" करार देते हुए अन्नाद्रमुक ने कहा कि सत्ता में आने से पहले विजय हिरासत में मौत के मामलों में न्याय की जोरदार मांग करते थे।
पार्टी ने सवाल किया, "फिर आपके अपने शासन में लगातार हो रही हिरासत में मौतों पर आप अब चुप क्यों हैं?"
अन्नाद्रमुक ने कहा कि सरकार भले बदल गई हो, लेकिन हालात नहीं बदले हैं। इसलिए वह वही मांग दोहरा रही है जो पिछली द्रमुक सरकार के समय उठाई थी—"न्याय होना चाहिए।"
पार्टी ने एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें विजय द्रमुक शासन के दौरान हिरासत में मौत के एक मामले में न्याय की मांग वाला तख्ती पकड़े दिखाई दे रहे हैं।
उधर, 'मुरासोली' ने आरोप लगाया कि गृह विभाग का प्रभार संभाल रहे मुख्यमंत्री विजय हमेशा "चुप्पी साधे" रहते हैं, जिसके कारण अब जेलों के भीतर भी हत्याएं होने लगी हैं।
मुखपत्र ने आरोप लगाया कि 'थूया शक्ति' (ईमानदार शासन) के नाम पर चल रही सरकार में प्रतिदिन हत्या की घटनाएं हो रही हैं।
द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) ने आरोप लगाया कि तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) खुद को शुरू से ही "निष्कलंक" बताती रही है और मुख्य विपक्षी दल द्रमुक को "दुष्ट शक्ति" करार देकर निशाना बनाती रही है।
द्रमुक के मुखपत्र 'मुरासोली' ने बृहस्पतिवार के अपने संपादकीय में कहा कि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने शपथ लेने के बाद कहा था कि वह किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं होने देंगे, लेकिन उसी समय से ऐसी घटनाएं बढ़ती चली गईं।
अखबार ने आरोप लगाया कि सबसे अधिक अनियमितताएं और गड़बड़ियां मुख्यमंत्री के पास मौजूद गृह विभाग में ही हो रही हैं।
द्रमुक ने आरोप लगाया कि दिव्यांग सबरी वर्मन की हत्या इस बात का "जीता-जागता उदाहरण" है कि टीवीके सरकार में शासन-प्रशासन पर किसी का नियंत्रण नहीं है।
सबरी वर्मन कन्याकुमारी जिले के ईथांगाडु क्षेत्र के निवासी थे, जो थेंथमराइकुलम पुलिस थाने के अधिकार क्षेत्र में आता है।
मुखपत्र के अनुसार, 35 वर्षीय सबरी वर्मन दिव्यांग थे।
द्रमुक ने आरोप लगाया, "थेंथमराइकुलम थाने की पुलिस को 'मामूल' (रिश्वत) नहीं देने पर पुलिस ने उन पर गुटखा बेचने का झूठा मामला दर्ज कर दिया।"
द्रमुक के अनुसार, नौ जुलाई को सबरी वर्मन को गिरफ्तार कर नागरकोइल उप-जेल भेजा गया था। कुछ दिन पहले उन्हें आसारिपल्लम स्थित कन्याकुमारी सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें 'मृत अवस्था में लाया गया' घोषित कर दिया।
वर्मन की मौत में गड़बड़ी का शक होने पर उनके रिश्तेदारों ने विरोध प्रदर्शन किया।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पुष्टि हुई कि सबरी वर्मन की जेल के अंदर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी।
मुखपत्र के अनुसार "चूंकि इसमें शामिल लोग वर्दीधारी कर्मचारी थे और यह हिरासत में हुई मौत का मामला था, इसलिए टीवीके सरकार ने इस मुद्दे को छिपाने की कोशिश की क्योंकि इससे सरकार की बदनामी होती।"
हालांकि, विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने इस अपराध के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए एक बयान जारी किया।
द्रमुक की कानूनी इकाई ने इसमें शामिल लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की और साफ कर दिया कि अगर उनकी मांग नहीं मानी गई तो पार्टी सीबीआई जांच की मांग करेगी।"
भाषा
राखी माधव
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