मप्र : तपती रातों से बिगड़ रही जैविक घड़ी, कई स्थानों में न्यूनतम तापमान 28 डिग्री के पार
धीरज
- 13 May 2026, 04:33 PM
- Updated: 04:33 PM
इंदौर 13 मई (भाषा) मध्यप्रदेश में तपती रातें अब लोगों की नींद और दिनचर्या पर असर डालने लगी हैं। मौसम विभाग के मुताबिक पिछले तीन दिनों के दौरान राज्य के कई स्थानों में न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया, जबकि 'शब-ए-मालवा' के लिए पहचाने जाने वाले इंदौर में बुधवार को न्यूनतम तापमान 30.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
चिकित्सकों का कहना है कि रात के वक्त बढ़ती गर्मी के कारण लोगों में नींद पूरी नहीं होने, एलर्जी, थकान और अनियमित खान-पान जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इंदौर में बुधवार को 30.2 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया जो पूरे राज्य में सर्वाधिक है।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक यह तापमान बड़े जलवायु परिवर्तन का संकेत देता है क्योंकि इंदौर उस मालवा अंचल का हिस्सा है जहां की रातें ऐतिहासिक रूप से अपेक्षाकृत ठंडी और सुहानी मानी जाती रही हैं। इन रातों की तारीफ में 'सुबह-ए-बनारस, शाम-ए-अवध, शब-ए-मालवा' जैसी कहावत भी गढ़ी गई है।
राज्य के अन्य हिस्सों में भी रात के वक्त पारा चढ़ रहा है। आंकड़ों के मुताबिक बुधवार को न्यूनतम तापमान नर्मदापुरम में 29.4 डिग्री सेल्सियस, भोपाल में 29.2 डिग्री सेल्सियस, सतना में 28.6 डिग्री सेल्सियस, धार में 28.5 डिग्री सेल्सियस, सागर में 28.3 डिग्री सेल्सियस और रतलाम में 28.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
गुना में 12 मई (मंगलवार) को न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जबकि नर्मदापुरम में 28.5 डिग्री सेल्सियस, सागर में 27.9 डिग्री सेल्सियस और सतना में 27.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इससे पहले, 11 मई (सोमवार) को श्योपुर का न्यूनतम तापमान 28.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
फेफड़ा रोग विशेषज्ञ डॉ. रवि डोसी ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया,''रात में तापमान अधिक होने से लोगों की जैविक घड़ी और सोने-जागने की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। लोग रात में गहरी नींद नहीं ले पा रहे हैं जिससे वे दिन में ज्यादा थकान और बेचैनी महसूस कर रहे हैं।"
डोसी के मुताबिक इन दिनों उनके पास आने वाले करीब 25 से 30 प्रतिशत मरीज नींद ठीक से नहीं आने या गर्मी के कारण असहज महसूस होने की शिकायत कर रहे हैं। उन्होंने कहा,"जाहिर है कि रात का तापमान अधिक होना भी इसकी बड़ी वजहों में शुमार है।"
उन्होंने कहा कि नींद पूरी नहीं होने से खर्राटों, अनियमित खान-पान और मोटापे जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। डोसी ने कहा,''कई लोग नींद नहीं आने पर रात में बार-बार उठकर ऐसी चीजें खा लेते हैं जिनसे उनका हाजमा बिगड़ जाता है।''
डोसी ने बताया कि पुराने और धूल भरे पैड वाले कूलर इस्तेमाल करने वाले कई लोगों में एलर्जी की समस्या ज्यादा देखी जा रही है। उन्होंने बताया,"ऐसे कूलर से आने वाली हवा और धूल कणों के कारण लोगों को एलर्जी की समस्या हो रही है जिससे उनकी नींद भी प्रभावित हो रही है।"
भाषा हर्ष मनीषा धीरज
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1305 1633 इंदौर