जवाबदेही तय करने के बजाय आंदोलनों को दबाने का प्रयास कर रही केंद्र सरकार: पायलट
जितेंद्र
- 18 Jul 2026, 06:24 PM
- Updated: 06:24 PM
जयपुर, 18 जुलाई (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने शनिवार को आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर जनता के बढ़ते आक्रोश के कारण केंद्र सरकार 'बैकफुट' पर और घबराई हुई है।
उन्होंने दावा किया कि सरकार जवाबदेही तय करने के बजाय आंदोलनों को दबाने का प्रयास कर रही है।
पायलट ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने संवाद और समाधान का रास्ता अपनाने के बजाय दमनात्मक कार्रवाई का मार्ग चुना है।
उन्होंने टोंक में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि अगर सरकार वास्तव में वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित थी तो उसे सबसे पहले उनकी मांगों पर बातचीत कर समाधान निकालना चाहिए था।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और प्रश्न पत्र लीक जैसे गंभीर मुद्दों पर देशभर के युवाओं में व्यापक आक्रोश है, लेकिन सरकार जवाबदेही तय करने के बजाय आंदोलनों को दबाने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस विद्यार्थियों और युवाओं की आवाज लगातार उठाती रही है तथा प्रश्न पत्र लीक व शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त अव्यवस्थाओं पर सरकार से जवाब मांग रही है।
पायलट ने राजस्थान में पंचायत, निकाय और छात्रसंघ चुनावों के मुद्दे पर आरोप लगाया कि राज्य सरकार लगातार बहाने बनाकर चुनाव टालने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा, ''उच्च न्यायालय की फटकार के बावजूद सरकार चुनाव कराने से बच रही है, क्योंकि उसे जनता के जनादेश का भय है।''
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व उपमुख्यमंत्री पायलट ने इससे पहले टोंक सर्किट हाउस में जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
उन्होंने जिले में जारी विकास कार्यों, पेयजल एवं बिजली आपूर्ति और आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों की समीक्षा की।
पायलट ने अधिकारियों को लंबित विकास कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
पायलट ने बाद में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के देशव्यापी अभियान ''छात्रों की गूंज'' के तहत एनएसयूआई द्वारा जयपुर में ''छात्र-संविधान संवाद'' कार्यक्रम को संबोधित किया।
उन्होंने कहा, "भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी लोकतांत्रिक व्यवस्था, विविधता और संविधान है। देश को आगे बढ़ाने के लिए हर वर्ग की आवाज सुनना और असहमति का सम्मान करना आवश्यक है।"
पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा, "आज शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं और युवाओं के भविष्य को लेकर देशभर में गहरी चिंता है। गरीब और मध्यम वर्ग के परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई पर लाखों रुपये खर्च करते हैं लेकिन बार-बार प्रश्न पत्र लीक, परीक्षा रद्द होने और मूल्यांकन में गड़बड़ियों से युवाओं का व्यवस्था पर विश्वास कमजोर हुआ है।"
कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रश्न पत्र लीक जैसी घटनाएं किसी एक व्यक्ति का काम नहीं बल्कि संगठित तंत्र का परिणाम होती हैं और इसकी जवाबदेही शीर्ष स्तर पर तय होनी चाहिए।
भाषा पृथ्वी जितेंद्र
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