जींद: प्रधानमंत्री ने 14,700 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी
वैभव
- 17 Jul 2026, 05:17 PM
- Updated: 05:17 PM
(तस्वीरों के साथ)
जींद (हरियाणा), 17 जुलाई (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को 14,700 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी, जिनसे सड़क संपर्क, स्वास्थ्य सेवा और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
भारत की पहली हाइड्रोजन चालित ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के बाद, प्रधानमंत्री ने 157.92 किलोमीटर लंबे, चार-लेन वाले और पूरी तरह पहुंच नियंत्रित दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया, जिसे लगभग 9,680 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है।
यह ग्रीनफील्ड कॉरिडोर 667 किलोमीटर लंबे दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे का हिस्सा है। इससे दिल्ली और कटरा के बीच यात्रा का समय लगभग 14 घंटे से घटकर करीब 6 घंटे रह जाएगा, जबकि दिल्ली-अमृतसर की यात्रा का समय भी लगभग 8 घंटे से घटकर 4 घंटे हो जाएगा।
इस परियोजना से एनएच-44 (जीटी रोड) पर यातायात काफी कम होने, श्री माता वैष्णो देवी जाने वाले तीर्थयात्रियों और पर्यटकों की संख्या बढ़ने तथा इस कॉरिडोर के आसपास औद्योगिक और साजो-सामान संबंधी विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री ने एनएच-7 और एनएच-344 पर 33.81 किलोमीटर लंबे, चार-लेन वाले और आंशिक पहुंच नियंत्रण वाले अंबाला-काला अंब राजमार्ग का भी उद्घाटन किया। यह राजमार्ग अंबाला शहरी इलाके अंबाला-काला अंब औद्योगिक क्षेत्र के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के बीच सड़क संपर्क को बेहतर बनाएगा, पहाड़ी इलाकों में पर्यटकों की आवाजाही को आसान बनाएगा तथा काला अंब इलाके में उद्योगों के लिए साजो-सामान की लागत को कम करेगा।
मोदी ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जींद को राजमार्गों के एक बड़े नेटवर्क के माध्यम से जोड़ा जा रहा है।
उन्होंने राष्ट्र को समर्पित परियोजनाओं के बारे में कहा, ''तीन बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाएं भी शुरू की गई हैं।''
मोदी ने कहा कि यह जींद की भूमि है, जो महाराजा रणजीत सिंह के गौरव के साथ-साथ 'पांडवों' से जुड़ी आस्था से भी संबंधित है।
उन्होंने कहा कि 'पांडु पिंडारा' और रामराय जैसे पवित्र स्थल इस सदियों पुरानी विरासत को दर्शाते हैं।
मोदी ने कहा, ''आज का भारत न केवल इस विरासत को संजोकर रखता है, बल्कि इसे गर्व के साथ आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए भी प्रतिबद्ध है। इसी भावना के साथ, आज कुरुक्षेत्र में एक सिख संग्रहालय की आधारशिला रखी गई है। यह नया संग्रहालय हरियाणा की सांस्कृतिक पहचान को और समृद्ध करेगा।''
उन्होंने कहा, ''हरियाणा तेज़ी से विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। खेती हो या उद्योग, ये दोनों ही राज्य की तरक्की को आगे बढ़ाने वाले मुख्य आधार हैं। आज जिन परियोजनाओं का उद्घाटन और आरंभ किया गया है, उनसे हरियाणा के विकास को नयी गति मिलेगी तथा राज्य की तेज तरक्की से विकसित राष्ट्र बनने की भारत की यात्रा को और मज़बूती मिलेगी।''
अन्य परियोजनाओं के साथ-साथ, प्रधानमंत्री ने कुरुक्षेत्र में एक सिख संग्रहालय की आधारशिला रखी, जो सिख धर्म के इतिहास, सिख गुरुओं की शिक्षाओं, उनके साहस और बलिदान के साथ-साथ भारत की सभ्यता में सिख समुदाय के अमूल्य योगदान को प्रदर्शित करेगा।
मोदी ने एनएच-352ए पर 40.60 किलोमीटर लंबे जींद-गोहाना ग्रीनफील्ड राजमार्ग का उद्घाटन किया। यह नया राजमार्ग जींद और गोहाना के बीच यात्रा के समय को लगभग दो घंटे से घटाकर सिर्फ़ 40 मिनट कर देगा, जिससे यात्रियों, माल ढुलाई और खेती के लिहाज से अहम जींद-गोहाना क्षेत्र को लाभ होगा, साथ ही रोहतक, पानीपत और दिल्ली-एनसीआर से कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी।
प्रधानमंत्री ने 24.27 किलोमीटर लंबी हांसी-बरवाला ब्राउनफील्ड राजमार्ग परियोजना की आधारशिला भी रखी, जिससे मौजूदा सड़क 2/4-लेन वाली सड़क में उन्नत की जाएगी।
उन्होंने कुरुक्षेत्र में 'एलिवेटेड' रेल मार्ग का उद्घाटन किया, जो एक बड़ी शहरी अवसंरचना परियोजना है। इससे शहर में रेल फाटक पर लंबे समय से चली आ रही यातायात जाम की समस्या खत्म हो जाएगी।
यह परियोजना वाहनों की आवाजाही को आसान बनाएगी, सड़क सुरक्षा को बेहतर करेगी और रेल व सड़क परिवहन प्रणालियों की कार्यक्षमता को बढ़ाएगी।
क्षेत्र में चिकित्सा सुविधाओं को बढ़ावा देते हुए, मोदी ने कई बड़े चिकित्सा संस्थान - भिवानी का पंडित नेकी राम शर्मा राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, और नारनौल के कोरियावास स्थित महर्षि च्यवन मेडिकल कॉलेज व राव तुला राम अस्पताल देश को समर्पित किए।
इन संस्थानों से हरियाणा में अच्छी चिकित्सा शिक्षा तक पहुंच बढ़ेगी, एमबीबीएस सीटों की संख्या में वृद्धि होगी, विशेष स्वास्थ्य पेशेवरों की उपलब्धता बेहतर होगी, और लोगों को उनके घर के पास बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होंगी।
भाषा नेत्रपाल वैभव
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