ईडी ने पंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा को गिरफ्तार किया, आप ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा
प्रशांत
- 09 May 2026, 10:25 PM
- Updated: 10:25 PM
नयी दिल्ली/चंडीगढ़, नौ मई (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय ने शनिवार को पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा को गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी उनसे संबंधित कुछ संस्थाओं में कथित तौर पर 100 करोड़ रुपये की जीएसटी धोखाधड़ी से संबंधित धनशोधन मामले में छापेमारी के बाद की गयी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ईडी की कार्रवाई की निंदा करते हुए केंद्र पर विपक्षी नेताओं को डराकर भाजपा में शामिल होने के लिए मजबूर करने के लिए ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियों को "हथियार" के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। वहीं भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा कि आप सुप्रीमो और उनकी पार्टी घबराई हुई है क्योंकि वे जानते हैं कि "पंजाब में उनके दिन गिने-चुने हैं"।
अधिकारियों का दावा है कि 62 वर्षीय अरोड़ा जांच में "सहयोग नहीं" कर रहे थे। अरोड़ा को शनिवार को स्थानीय अदालत में पेश किए जाने की संभावना है, जहां प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) विस्तृत पूछताछ के लिए उनकी हिरासत की मांग करेगा।
अधिकारियों ने बताया कि उन्हें दिल्ली लाया जाएगा, जहां मामला दर्ज है और एजेंसी पूछताछ के लिए उनकी हिरासत की मांग करेगी।
मंत्री बनने के एक साल से भी कम समय में, अरोड़ा पंजाब में आप सरकार के एक अहम सदस्य के तौर पर उभरे।
ईडी ने इस कार्रवाई के तहत उत्तर भारत में पांच परिसर पर छापेमारी की।
छापेमारी में दिल्ली के दो परिसर और गुरुग्राम के उद्योग विहार में स्थित हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड नामक कंपनी का परिसर भी शामिल था।
अधिकारियों के अनुसार, केंद्रीय एजेंसी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की आपराधिक धाराओं के तहत नया मामला दर्ज करने के बाद ये छापेमारी शुरू की।
ईडी ने 17 अप्रैल को विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम (फेमा) के दीवानी प्रावधानों के तहत अरोड़ा और उनसे जुड़ी इकाइयों के परिसरों पर छापे मारे थे।
अधिकारियों ने बताया कि इस कार्रवाई के तहत एजेंसी ने 19 अप्रैल को हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड, उसके निदेशक संजीव अरोड़ा और उनसे जुड़ी इकाइयों की चल एवं अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की थीं। उन पर फर्जी बिक्री और निर्यात के जरिए विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम (फेमा) का उल्लंघन करके 157.12 करोड़ रुपये की हेराफेरी करने का आरोप है।
अरोड़ा (62) लुधियाना पश्चिम विधानसभा सीट से विधायक हैं।
ईडी के अनुसार, धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत ताजा जांच 100 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के मोबाइल फोन की ''फर्जी'' जीएसटी (माल एवं सेवा कर) खरीद और उसके बाद निर्यात के जरिये कथित अवैध धन को दुबई से भारत वापस लाने से जुड़ी है।
आरोप है कि फर्जी 'इनपुट टैक्स क्रेडिट' (आईटीसी) का दावा करने के लिए दिल्ली की ''अस्तित्वहीन'' कंपनियों से जीएसटी खरीद के कई फर्जी बिल प्राप्त किए गए।
अरोड़ा ने अप्रैल में छापेमारी के बाद कहा था कि वह जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करेंगे और उन्हें विश्वास है कि सच्चाई की जीत होगी।
'आप' ने इन छापों को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है। पार्टी का आरोप है कि पंजाब में अगले साल की शुरुआत में होने वाले चुनावों से पहले भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के इशारे पर यह कार्रवाई की गई है।
अरोड़ा के खिलाफ धनशोधन के एक पुराने मामले में भी पहले से जांच जारी है। इस मामले में ईडी ने 2024 में उनके परिसरों पर छापे मारे थे। उस समय उन पर और उनके सहयोगियों पर आवासीय परियोजनाओं के लिए औद्योगिक भूमि के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया था। उस समय अरोड़ा राज्यसभा सदस्य थे।
पंजाब के मुख्यमंत्री मान ने संगरूर में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान ईडी कार्रवाई की आलोचना की।
उन्होंने कहा, "ईडी-भाजपा के इस अनैतिक गठबंधन का अंत पंजाब से शुरू होगा।"
केजरीवाल ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री की तुलना औरंगजेब से की और आरोप लगाया कि मुगल बादशाह की तरह, "मोदीजी ने बेईमानी से देश के कई हिस्सों पर कब्जा कर लिया है और अब पंजाब पहुंच गए हैं"।
आप ने इन छापों को केंद्र की भाजपा सरकार के कहने पर शुरू किया गया "राजनीतिक से प्रेरित कृत्य" बताया है, क्योंकि पंजाब में अगले साल की शुरुआत में चुनाव होने हैं।
हाल के हफ्तों में, ईडी ने पंजाब में राजनीति से जुड़े लोगों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है, जहां 2027 की शुरुआत में चुनाव होने हैं।
केजरीवाल ने अपनी पोस्ट में आरोप लगाया, "बंगाल चुनाव खत्म होते ही मोदी जी ने पंजाब में रोज ईडी की छापेमारी शुरू करवा दी है। मोदी जी ने पिछले कुछ सालों में पंजाब को मजबूर किया है और अलग-अलग तरीकों से पंजाबियों के साथ बुरा बर्ताव किया है।"
केजरीवाल ने कहा कि आप के राज्यसभा सदस्य अशोक मित्तल अपने ठिकानों पर ईडी की छापेमारी के बाद भाजपा में शामिल हो गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि अरोड़ा के यहां छापेमारी हुई, लेकिन वह भाजपा में शामिल नहीं हुए, इसलिए एक और छापा मारा गया।
एजेंसी ने 'लवली ग्रुप' के प्रवर्तक और राज्यसभा सदस्य अशोक कुमार मित्तल के कई परिसर पर भी छापेमारी की थी। इन छापेमारी के बाद मित्तल 'आप' के छह अन्य सांसदों के साथ भाजपा में शामिल हो गए थे।
एजेंसी ने इस सप्ताह की शुरुआत में पंजाब के कुछ बिल्डर और रियल एस्टेट कंपनियों तथा 'आप' के एक पदाधिकारी के कथित सहयोगी के विभिन्न परिसर पर भी छापेमारी की थे। उसने 'आप' की पंजाब इकाई के अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा के खिलाफ आरोप लगाए थे। अमन अरोड़ा ने इन आरोपों से इनकार करते हुए ईडी के दावों को ''मनगढ़ंत कहानी'' बताया था।
पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह ने आरोप लगाया कि छापेमारी के लिए 20 गाड़ियां इस्तेमाल की गईं, जिससे पता चलता है कि इस्तेमाल किए गए संसाधन बहुत ज़्यादा थे, जैसे अरोड़ा कोई "आतंकवादी" हों।
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, "जैसे भाजपा ने पश्चिम बंगाल और दूसरे राज्यों में ईडी, सीबीआई और दूसरी केंद्रीय एजेंसियों का गलत इस्तेमाल करके चुनावों में हेरफेर किया और सरकारें बनाईं, वैसे ही अब पंजाब में भी वही खेल खेला जा रहा है। यह सिर्फ़ संजीव अरोड़ा पर छापेमारी नहीं है, बल्कि पंजाब और तीन करोड़ पंजाबियों की शान पर हमला है। अपनी नाकामियों से निराश होकर भाजपा केंद्रीय एजेंसियों के जरिए पंजाब पर हमला कर रही है।"
वहीं भाजपा प्रवक्ता आर.पी. सिंह ने आरोप लगाया कि आप भ्रष्टाचार में डूबी हुई है और पंजाब में "औरंगजेब जैसी" हरकतें मोदी नहीं, बल्कि केजरीवाल कर रहे हैं।
भाषा
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