प्रौद्योगिकी लोकतंत्रीकरण से ही बन सकती है प्रगति का माध्यम, एआई हमारे लिए सर्वसमावेशीः मोदी
अजय
- 18 Jun 2026, 08:20 PM
- Updated: 08:20 PM
पेरिस, 18 जून (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को प्रौद्योगिकी के लोकतंत्रीकरण पर बल देते हुए कहा कि यह तभी प्रगति का माध्यम बन सकती है जब सभी के लिए सुलभ हो, और भारत के लिए एआई (कृत्रिम मेधा) का मतलब 'ऑल इनक्लूसिव' (सर्वसमावेशी) होना है।
प्रधानमंत्री मोदी ने यहां 'वीवाटेक 2026' सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही। यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब अमेरिका ने हाल में कुछ उन्नत एआई मॉडल तक विदेशी नागरिकों की पहुंच पर पाबंदी लगाई है।
मोदी ने कहा, "प्रौद्योगिकी के मामले में नवाचार के साथ पहुंच भी महत्वपूर्ण है। प्रौद्योगिकी प्रगति तभी ला सकती है जब उसका लोकतंत्रीकरण हो। भारत मानता है कि बदलाव के इस दौर में प्रौद्योगिकी सभी के लिए काम करे।"
उन्होंने कहा कि एआई का उपयोग लोगों के जीवन को बेहतर बनाने, पहुंच बढ़ाने, आर्थिक वृद्धि को गति देने और पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए होना चाहिए।
उन्होंने कहा, "वीवाटेक 2026 सम्मेलन में 'एआई कंट्री पार्टनर' के रूप में हमारी भागीदारी इसी दृष्टिकोण को दर्शाती है। भारत के लिए एआई का मतलब 'ऑल इनक्लूसिव' (सर्वसमावेशी) है।"
पिछले सप्ताह, अमेरिकी एआई कंपनी एंथ्रोपिक ने अमेरिकी प्रशासन के निर्देश पर अपने नवीनतम एआई मॉडल 'फेबल 5' और 'मिथोस 5' तक विदेशी नागरिकों की पहुंच रोक दी। इस कदम से एआई समाधानों की पहुंच को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने प्रौद्योगिकी क्षेत्र में भारत की प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि दुनिया के लगभग आधे डिजिटल लेनदेन भारत में हो रहे हैं और पिछले एक दशक में देश ने प्रौद्योगिकी के माध्यम से तेज बदलावों को देखा है।
उन्होंने कहा, "दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल पहचान प्रणाली से लेकर सबसे बड़े डिजिटल भुगतान मंच तक, हम वित्तीय समावेशन, शिक्षा, टेलीमेडिसिन और कृषि जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर प्रौद्योगिकी का उपयोग कर रहे हैं।"
मोदी ने 2021 में वीवाटेक सम्मेलन में दिए गए अपने संबोधन का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय दुनिया कोविड-19 से जूझ रही थी, जबकि इस समय दूसरे तरह के व्यवधान सामने हैं। उन्होंने कहा, "जहां पारंपरिक तरीके काम नहीं करते, वहां नवाचार मदद कर सकता है।"
प्रधानमंत्री ने कहा कि दो लाख से अधिक स्टार्टअप के साथ भारत दुनिया के सबसे जीवंत स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्रों में से एक है। उन्होंने इस सम्मेलन में स्थापित भारत मंडप देखने का प्रतिभागियों को आमंत्रण दिया।
उन्होंने कहा कि भारत एक खुला समाज है और यहां दुनिया का सबसे बड़ा प्रतिभा भंडार है। सरकार नियमों को सरल बना रही है और कारोबारी सुगमता सुनिश्चित कर रही है।
मोदी ने कहा कि सरकार 50 अरब डॉलर से अधिक के लक्षित प्रोत्साहनों के जरिये निजी क्षेत्र को समर्थन दे रही है और देश सस्ती डेटा सेवाएं एवं कम लागत वाली हरित ऊर्जा भी उपलब्ध करा रहा है।
उन्होंने भारत में निवेश का आह्वान करते हुए कहा, "भारत के साथ काम करें और सभी के लिए परिणाम दें।"
वीवाटेक सम्मेलन यूरोप का प्रमुख प्रौद्योगिकी एवं नवाचार सम्मेलन है। इस बार के सम्मेलन में भारत ने भारतीय और यूरोपीय नवाचार पारिस्थितिकी के बीच साझेदारी की संभावनाओं को दर्शाते हुए सबसे बड़ा राष्ट्रीय मंडप स्थापित किया है।
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1806 2020 पेरिस