'बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश' का प्रतिनिधिमंडल बीएसएफ के साथ डीजी स्तरीय वार्ता के लिये दिल्ली पहुंचा
नरेश
- 08 Jun 2026, 08:28 PM
- Updated: 08:28 PM
नयी दिल्ली, आठ जून (भाषा) बांग्लादेश से एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल सोमवार को यहां पहुंचा ताकि बांग्लादेशी नागरिकों द्वारा बीएसएफ जवानों और भारतीय नागरिकों पर हमले तथा बांग्लादेशियों द्वारा सीमा बाड़ को तोड़ने सहित विभिन्न सीमा मुद्दों पर द्विपक्षीय वार्ता की जा सके।
अधिकारियों ने कहा कि बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के महानिदेशक मेजर जनरल मोहम्मद अशरफुज्जमान सिद्दीकी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल का यहां अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के महानिदेशक प्रवीण कुमार और केंद्रीय अर्धसैनिक बल के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वागत किया।
उन्होंने बताया कि दोनों पक्ष मंगलवार से 11 जून तक लोधी रोड स्थित बीएसएफ मुख्यालय में द्विवार्षिक महानिदेशक स्तरीय सीमा समन्वय सम्मेलन का 57वां संस्करण आयोजित करेंगे।
यह बैठक इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि ढाका में इस साल की शुरुआत में बीएनपी सरकार के सत्ता संभालने और पश्चिम बंगाल में नयी भाजपा सरकार के चुने जाने के बाद यह पहली बार आयोजित की जा रही है।
भारत-बांग्लादेश की कुल 4,096 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा का आधे से अधिक हिस्सा (2,216 किलोमीटर) पश्चिम बंगाल में पड़ता है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली नयी राज्य सरकार ने घोषणा की है कि वह बांग्लादेश से आए अवैध घुसपैठियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी और ऐसे व्यक्तियों को "पता लगाने, हटाने और निर्वासित करने की चरणबद्ध 3डी कार्रवाई" का सामना करना पड़ेगा।
अधिकारी ने रविवार को कोलकाता में कहा कि पिछले महीने राज्य के सीमावर्ती जिलों में स्थापित निरुद्ध केंद्रों से लगभग 4,800 अवैध प्रवासियों को बांग्लादेश भेजा गया है, और ऐसे 836 लोग इन सुविधाओं से प्रत्यर्पण की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
बीएसएफ ने तीन जून को कहा कि सम्मेलन के एजेंडे में बांग्लादेशी नागरिकों द्वारा बीएसएफ कर्मियों और भारतीय नागरिकों पर "हमलों" की रोकथाम, सीमा पार अपराधों की रोकथाम, "बांग्लादेशी अपराधियों" के भारत में प्रवेश की रोकथाम और बांग्लादेशी नागरिकों द्वारा बाड़ उल्लंघन की घटनाओं के अलावा बाड़ निर्माण से संबंधित मुद्दों पर चर्चा शामिल थी।
बीएसएफ ने एक बयान में कहा था, "चर्चा में बांग्लादेश में भारतीय विद्रोही समूहों (आईआईजी) के खिलाफ कार्रवाई, सीमा बुनियादी ढांचे से संबंधित मुद्दे, विश्वास बहाली के उपाय (सीबीएम) और अन्य मुद्दे भी शामिल होंगे।"
बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने रविवार को कहा कि भारत द्वारा कथित तौर पर लोगों को बांग्लादेशी नागरिक बताकर सीमा पार भेजे जाने और सीमा पर हुई हत्याओं के मुद्दे पर दोनों देशों के सीमा सुरक्षा बलों के प्रमुखों के बीच होने वाली आगामी बैठक में चर्चा की जाएगी।
भारत का कहना है कि केवल अवैध घुसपैठियों को ही उचित प्रक्रियाओं का पालन करते हुए बांग्लादेश में वापस भेजा जाता है।
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0806 2028 दिल्ली