दिल्ली: तस्वीरों से छेड़छाड़ कर महिलाओं से ऑनलाइन पैसे वसूलने के आरोप में व्यक्ति गिरफ्तार
सुरेश
- 08 Jun 2026, 06:59 PM
- Updated: 06:59 PM
नयी दिल्ली, आठ जून (भाषा) दिल्ली में कृत्रिम बुद्धिमता (एआई) की मदद से तस्वीरों से छेड़छाड़ कर युवतियों को ब्लैकमेल करने और उनसे पैसे वसूलने के आरोप में 30-वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान सौरव के रूप में हुई है, जो उत्तरी दिल्ली के भलस्वा डेरी इलाके का निवासी है। उसे चार जून को पकड़ा गया। वह पहले भी जबरन वसूली और यौन उत्पीड़न से जुड़े दो मामलों में शामिल रहा है।
पुलिस ने बताया कि वह नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवतियों को सोशल मीडिया पर निशाना बनाता था। उनका भरोसा जीतने और उनका बायोडाटा हासिल करने के बाद वह कथित तौर पर उन्हें वीडियो सत्यापन कॉल के लिए राजी करता था।
पुलिस के अनुसार, आरोपी एआई आधारित उपकरणों के जरिये वीडियो कॉल के दौरान लिये गये 'स्क्रीनशॉट' को अश्लील तस्वीरों में बदल देता था। इन्हीं तस्वीरों के जरिये पीड़िताओं को धमकाकर उनसे पैसे वसूले जाते थे।
यह मामला उस वक्त सामने आया, जब मलकागंज की 19-वर्षीय युवती ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर शिकायत दर्ज कराई। उसने आरोप लगाया कि एक अज्ञात व्यक्ति ने छेड़छाड़ की गई तस्वीरों के जरिये उसे ब्लैकमेल किया।
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता को आरोपी की ओर से एक संदेश मिला, जिसमें उसकी छेड़छाड़ की गई तस्वीर थी। आरोपी ने कथित तौर पर उसे "लक्ष्य गर्ग" नाम से संचालित सोशल मीडिया अकाउंट के जरिये बातचीत करने को कहा और तस्वीर हटाने के बदले 30,000 रुपये मांगे।
पुलिस ने बताया कि दबाव में आकर और छेड़छाड़ की गई तस्वीर प्रसारित किए जाने के डर से पीड़िता के परिवार ने क्यूआर कोड के जरिये भुगतान कर यह राशि भेज दी।
कई महीनों बाद, इस वर्ष फरवरी में आरोपी ने कथित तौर पर युवती से फिर संपर्क किया और और पैसे मांगे। बातचीत के बाद पीड़िता ने एक साइबर कैफे के जरिये 10,000 रुपये भेजे।
पुलिस ने बताया कि आरोपी लगातार और पैसे मांगता रहा। उसने युवती पर अन्य युवतियों के नंबर साझा करने का भी दबाव बनाया। जब उसने इनकार कर दिया, तो आरोपी ने कथित तौर पर उसे धमकी दी, जिसके बाद युवती ने पुलिस से संपर्क किया।
शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई।
पुलिस ने ग्राहक विवरण, रिकॉर्ड, इंटरनेट प्रोटोकॉल (आईपी) लॉग और सोशल मीडिया मंचों से मिली जानकारी सहित तकनीकी और डिजिटल साक्ष्य जुटाए।
जांच के दौरान पुलिस ने अपराध में इस्तेमाल बैंक खाते का पता लगाया, जो कथित तौर पर आरोपी द्वारा संचालित एक ईमेल अकाउंट से जुड़ा था। इसके बाद तकनीकी विश्लेषण के आधार पर जांचकर्ता सौरव तक पहुंचे, जिसे भलस्वा डेरी इलाके से गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि वह एक निजी वित्त कंपनी में काम करता है और अवैध रूप से पैसा कमाने के लिए जबरन वसूली करता था।
पुलिस ने अपराध में कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया एक मोबाइल फोन, एक सिम कार्ड और एक वाई-फाई राउटर बरामद किया है।
भाषा
राखी सुरेश
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